ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे इस संघर्ष के कारण समुद्री रास्तों पर भी खतरा बढ़ गया है। कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट आई। भारत के कई शहरों में लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर की कमी का सामना करना पड़ा और गैस लेने के लिए लंबी कतारें भी देखने को मिलीं।
भारत पहुंचा गैस से भरा बड़ा जहाज
इसी बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। एलपीजी गैस से भरा भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ सुरक्षित भारत पहुंच गया है। यह जहाज कतर से गैस लेकर आया था और सोमवार सुबह गुजरात के मुंडरा बंदरगाह पर पहुंचा। इसके आने से देश में गैस की सप्लाई में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से लोग इसी जहाज के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।
हजारों टन एलपीजी लेकर आया ‘शिवालिक’
‘शिवालिक’ जहाज में करीब 54 हजार टन एलपीजी गैस भरी हुई है। यह जहाज 7 मार्च को कतर के रास लफान बंदरगाह से रवाना हुआ था। रास्ते में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी, क्योंकि उस इलाके में तनाव ज्यादा है। लेकिन सभी जोखिमों के बावजूद यह जहाज सुरक्षित भारत पहुंच गया, जिससे गैस सप्लाई को बड़ी राहत मिली है।
दूसरा जहाज भी जल्द पहुंचेगा भारत
एलपीजी लेकर आने वाले जहाजों में ‘नंदा देवी’ भी शामिल है। यह जहाज भी बड़ी मात्रा में गैस लेकर आ रहा है और जल्द ही गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है। माना जा रहा है कि इन जहाजों के पहुंचने से घरेलू गैस की कमी काफी हद तक कम हो जाएगी। पिछले कुछ दिनों से कई शहरों में गैस की उपलब्धता कम हो गई थी।
कच्चे तेल का टैंकर भी सुरक्षित रवाना
इसी बीच एक और भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’ संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हुआ है। इस जहाज में करीब 80 हजार टन कच्चा तेल भरा हुआ है। यह जहाज भी बिना किसी परेशानी के अपने सफर पर है और इसके सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यह चौथा भारतीय जहाज है जो संघर्ष वाले इलाके से सुरक्षित बाहर निकला है।
समुद्र में फंसे कई जहाजों पर नजर
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण अभी भी कई जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक करीब 28 जहाज अलग-अलग हिस्सों में रुके हुए थे। हालांकि भारतीय जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बताया गया है। सरकार का कहना है कि इस पूरे इलाके में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
