IMA चुनाव: 10 साल बाद कार्यकारिणी का निर्विरोध चयन, डॉ. अनुराग बने अध्यक्ष, डॉ. शालिनी मोहन बनीं सचिव
कानपुर, 7 सितंबर 2025: भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) की कानपुर शाखा में 10 साल बाद पूरी कार्यकारिणी निर्विरोध चुनी गई है। इस बार डॉ. अनुराग को अध्यक्ष और जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. शालिनी मोहन (Dr. Shalini Mohan) को सचिव के रूप में चुना गया है।
IMA कानपुर शाखा में इससे पहले वर्ष 2015 में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. किरण पांडेय की अगुवाई में कार्यकारिणी निर्विरोध का चयन किया गया था। इस बार भी कोई अन्य नामांकन दाखिल नहीं हुआ, जिसकी वजह से डॉ. अनुराग के नेतृत्व वाली टीम को निर्विरोध चुना गया। यह लगातार दूसरी बार है जब IMA कानपुर शाखा में कार्यकारिणी का चुनाव बिना किसी प्रतिस्पर्धा के संपन्न हुआ।
नई कार्यकारिणी का गठन
नई कार्यकारिणी में डॉ. अनुराग को अध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जो अपनी नेतृत्व क्षमता और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए जाने जाते हैं। वहीं, सचिव के पद पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी मोहन को नियुक्त किया गया है। डॉ. शालिनी मोहन नेत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली से फाकोइमल्सीफिकेशन, ग्लूकोमा, और कॉर्निया में वरिष्ठ रेजिडेंसी और शोध सहयोगी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अलावा, उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पहली बार कॉर्नियल प्रत्यारोपण सर्जरी शुरू की और अब तक लगभग 700 कॉर्नियल प्रत्यारोपण कर चुकी हैं।
डॉ. शालिनी मोहन का योगदान
डॉ. शालिनी मोहन ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 2009 में किया और वहां नेत्र बैंक, ग्लूकोमा, और कॉर्निया सुपरस्पेशियलिटी क्लिनिक की शुरुआत की। उन्होंने लैमेलर कॉर्नियल सर्जरी को भी कानपुर और आसपास के जिलों में पहली बार शुरू किया, जिसके तहत एक ही कॉर्निया का उपयोग दो मरीजों के लिए किया जाता है। उनकी उपलब्धियों में FCCI Flo अवार्ड (उत्तर प्रदेश), कानपुर रत्न, बीसी रॉय गोल्ड मेडल, मोहन लाल गोल्ड मेडल, डॉ. पीके पांडेय अवार्ड, और वीएन रायजादा गोल्ड मेडल जैसे कई सम्मान शामिल हैं।
IMA कानपुर शाखा का महत्व
IMA कानपुर शाखा चिकित्सा समुदाय के बीच एक महत्वपूर्ण मंच है, जो चिकित्सकों के हितों की रक्षा करने, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, और समाज में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम करता है। नई कार्यकारिणी के गठन से यह उम्मीद की जा रही है कि शाखा चिकित्सा क्षेत्र में और अधिक प्रभावी योगदान देगी।



