अगर आप आने वाले दिनों में घर खरीदने या नई कार लेने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। ज्यादातर लोग बड़े खर्चों के लिए बैंक लोन का सहारा लेते हैं। ऐसे में ब्याज दरों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है। इसके बाद फिलहाल बैंकों की लोन दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और ग्राहक पहले की तरह होम लोन और कार लोन का फायदा उठा सकते हैं।
होम लोन पर क्या हैं दरें?
घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए राहत की बात है कि कई बड़े बैंक अभी भी 7 फीसदी के आसपास से होम लोन दे रहे हैं। देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई लगभग 7.25 फीसदी से होम लोन की शुरुआत कर रहा है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक की शुरुआती दरें करीब 7.20 फीसदी बताई जा रही हैं। निजी क्षेत्र के बैंकों में एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ग्राहक की प्रोफाइल, आय और क्रेडिट स्कोर के आधार पर ब्याज दर तय करते हैं।
कार लोन पर भी प्रतिस्पर्धा
नई कार खरीदने वालों के लिए भी बैंक आकर्षक ऑफर दे रहे हैं। एसबीआई की ऑटो लोन दरें लगभग 8.90 फीसदी से शुरू हो रही हैं। वहीं एचडीएफसी बैंक की कार लोन दरें करीब 9 फीसदी के आसपास बताई जा रही हैं। बैंक ब्याज दर तय करते समय ग्राहक का सिबिल स्कोर, मासिक आय और लोन चुकाने की क्षमता को भी ध्यान में रखते हैं। जिन ग्राहकों का रिकॉर्ड अच्छा होता है, उन्हें बेहतर दरें मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।
सिर्फ ब्याज दर न देखें
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कम ब्याज दर देखकर लोन लेना सही फैसला नहीं होता। कई बार प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्ज और दूसरी शर्तें कुल खर्च बढ़ा देती हैं। इसलिए किसी भी लोन के लिए आवेदन करने से पहले कम से कम तीन या चार बैंकों की शर्तों की तुलना जरूर करनी चाहिए। इससे आपको सही विकल्प चुनने में मदद मिल सकती है।
अच्छा सिबिल स्कोर दिलाएगा फायदा
अगर आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा है तो आपको कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा नियमित आय, समय पर पुराने लोन का भुगतान और अच्छी बैंकिंग हिस्ट्री भी बैंक की नजर में आपकी विश्वसनीयता बढ़ाती है। ऐसे ग्राहकों को अक्सर बेहतर ऑफर और आसान मंजूरी मिल जाती है।
ईएमआई का हिसाब पहले करें
लोन लेने से पहले अपनी मासिक आय और खर्च का पूरा हिसाब जरूर लगाएं। यह तय करें कि ईएमआई आपकी आमदनी पर ज्यादा बोझ न बने। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कुल ईएमआई आपकी मासिक आय के एक सीमित हिस्से से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सही योजना बनाकर लिया गया लोन भविष्य में आर्थिक परेशानी से बचा सकता है और आपके घर या कार का सपना आसानी से पूरा कर सकता है।
