केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल तक पहुंची शिकायत, एचएएल की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल, अब आगे क्या ?
हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल में लायजन एजेंट की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल अब सीधे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के कार्यालय तक पहुंच चुके हैं। शिकायत मिलने के बाद मंत्री कार्यालय ने एचएएल प्रबंधन से पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यही वजह है कि अब यह मामला सिर्फ एक कंपनी के अंदरूनी विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मंत्रालय स्तर पर भी इसकी समीक्षा शुरू हो गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और योग्य आवेदकों को नजरअंदाज किया गया।
निजी फर्म ने उठाए चयन प्रक्रिया पर सवाल
आयुष हेल्थ केयर नाम की एक निजी फर्म ने आरोप लगाया है कि उसने एचएएल द्वारा जारी लायजन एजेंट नियुक्ति के टेंडर में सभी निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदन किया था। फर्म का कहना है कि पिछले वर्षों में उसका प्रदर्शन बेहतर रहा और उसने करोड़ों रुपये की बिक्री भी दर्ज की। इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उसे नियुक्त नहीं किया गया। शिकायत में कहा गया है कि चयन के दौरान पिछले प्रदर्शन, पात्रता और अनुभव जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का निष्पक्ष मूल्यांकन नहीं किया गया। फर्म का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दी।
स्वतंत्र जांच की मांग तेज
शिकायत में मंत्रालय से मांग की गई है कि चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही चयन से जुड़े दस्तावेजों, पात्रता मानकों और मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा की जाए। फर्म ने यह भी आग्रह किया है कि जब तक शिकायत का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक नई नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि सभी दस्तावेज और मूल्यांकन सार्वजनिक किए जाएं तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसी मांग के साथ मामला अब मंत्रालय तक पहुंच चुका है।
मंत्री कार्यालय ने मांगी स्थिति रिपोर्ट
29 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री कार्यालय की ओर से एचएएल के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा गया। इस पत्र में शिकायत की प्रति संलग्न करते हुए कंपनी से विस्तृत स्टेटस नोट मांगा गया। मंत्रालय ने कहा कि शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं पर कंपनी अपना पक्ष और तथ्य उपलब्ध कराए। इस कदम को शिकायत की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर एचएएल के जवाब पर टिकी हुई है।
पुराने आरोप भी फिर चर्चा में
इस मामले के सामने आने के बाद एचएएल की प्रबंध निदेशक नीरजा सराफ से जुड़े पुराने आरोप भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि पहले भी कंपनी की कुछ खरीद प्रक्रियाओं और ठेकों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इन मामलों को लेकर लोकपाल और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।
अब जवाब का इंतजार
फिलहाल एचएएल की ओर से इस नए विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में कंपनी की प्रतिक्रिया और मंत्रालय की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है। शिकायतकर्ताओं को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी, जबकि कंपनी का पक्ष आने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के कार्यालय की सक्रियता ने इस मामले को नई गंभीरता दे दी है।
