भारतीय एथलेटिक्स के सितारे और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को आज एक ऐतिहासिक सम्मान प्राप्त हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण ब्लॉक, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य पिपिंग समारोह में नीरज को टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और भारतीय सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 16 अप्रैल 2025 को प्रदान की गई इस मानद कमीशन को आज औपचारिक रूप से लागू किया गया, जो नीरज के खेल जगत में योगदान और राष्ट्रीय गौरव को मान्यता देता है।
समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नीरज और उनके परिवार से बातचीत की। उन्होंने नीरज को "धैर्य, देशभक्ति और उत्कृष्टता की भारतीय भावना का प्रतीक" करार दिया। सिंह ने कहा, "मानद लेफ्टिनेंट कर्नल (एचओएन) नीरज चोपड़ा अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे खेल बिरादरी और सशस्त्र बलों में आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।" यह शब्द न केवल नीरज के व्यक्तिगत सफर को रेखांकित करते हैं, बल्कि भारतीय सेना और खेल के बीच गहराते बंधन को भी दर्शाते हैं।
नीरज चोपड़ा का सेना से जुड़ाव 2016 से है। 26 अगस्त 2016 को वे नायब सूबेदार के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। 2021 में उन्हें सूबेदार और 2022 में सूबेदार मेजर पदोन्नत किया गया। राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट से जुड़े नीरज ने हमेशा सेना के मूल्यों को अपनाया है। उनका जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत जिले के खांडरा गांव में हुआ था। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नीरज ने भाला फेंक में अपनी प्रतिभा से विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन किया है।
नीरज का करियर एक प्रेरणादायक कहानी है। 2020 टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने 87.58 मीटर के थ्रो के साथ भारत को एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक दिलाया, जो देश के लिए ऐतिहासिक क्षण था। इसके बाद 2023 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2024 पेरिस ओलंपिक में रजत, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और डायमंड लीग में कई स्वर्ण पदक—नीरज ने लगातार सफलताओं की एक श्रृंखला गढ़ी। उनकी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ दूरी 90.23 मीटर (2025) भारतीय खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। इन उपलब्धियों के लिए उन्हें पद्म श्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, परम विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
इस मानद रैंक को प्राप्त करने का महत्व केवल व्यक्तिगत सम्मान तक सीमित नहीं है। यह भारतीय सेना की उस नीति को मजबूत करता है जो खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए काम करती है। टेरिटोरियल आर्मी (टीए) एक स्वयंसेवी बल है जो सिविलियनों को सेना के साथ जोड़ता है। नीरज जैसे सितारे इस बल में शामिल होकर युवाओं को प्रेरित करते हैं कि खेल और सेवा एक साथ संभव हैं। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने समारोह में कहा कि नीरज की उपलब्धियां सेना के सैनिकों के लिए प्रेरणा हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
नीरज का सफर आसान नहीं था। बचपन में कंधे की चोट ने उन्हें परेशान किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। हरियाणा के खेल संस्कृति ने उन्हें मजबूत बनाया। उनके कोच और परिवार का सहयोग हमेशा उनके साथ रहा। आज जब वे लेफ्टिनेंट कर्नल बने हैं, तो यह उनके लिए एक नई जिम्मेदारी भी है। नीरज ने समारोह के बाद कहा, "यह सम्मान मेरे लिए सेना के प्रति मेरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मैं हमेशा देश की सेवा के लिए तैयार हूं, चाहे वह खेल मैदान हो या सेना का मैदान।" (यह उद्धरण समारोह के बाद की प्रेस बातचीत पर आधारित है।)
यह घटना भारतीय खेल और सेना के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देगी। सरकार ने हाल के वर्षों में खेलो इंडिया और मिशन ओलंपिक सेल जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को मजबूत किया है। नीरज का उदाहरण दिखाता है कि कैसे एक ग्रामीण लड़का वैश्विक स्तर पर चमक सकता है। आने वाले समय में, नीरज 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारी में जुटेंगे, जहां वे स्वर्ण की हैट्रिक लगाने का सपना देख रहे हैं। सेना की यह उपाधि उन्हें मानसिक रूप से और मजबूत बनाएगी।
देशभर में नीरज के प्रशंसक इस समाचार से उत्साहित हैं। सोशल मीडिया पर #LtColNeerajChopra ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग उनकी उपलब्धियों की सराहना कर रहे हैं। हरियाणा सरकार ने भी इस पर बधाई संदेश जारी किया है। यह सम्मान न केवल नीरज का है, बल्कि पूरे भारतीय खेल समुदाय का है।
भारतीय सेना ने हमेशा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है। पूर्व खिलाड़ी जैसे मनोज कुमार (बॉक्सर) और विजेंदर सिंह (बॉक्सर) भी सेना से जुड़े रहे हैं। नीरज की यह पदोन्नति एक नया अध्याय जोड़ती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, टीए में ऐसे मानद कमीशन खिलाड़ियों को सेना के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम हैं।
समारोह की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जहां रक्षा मंत्री सिंह नीरज को इंसिग्निया पहनाते नजर आ रहे हैं। जनरल द्विवेदी के साथ नीरज की मुस्कुराती तस्वीरें राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गई हैं। नीरज के पिता सतीश चोपड़ा ने कहा, "हमारा बेटा हमेशा देश का मान बढ़ाता रहेगा।"



