दिल्ली के धौला कुआं इलाके में रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह (52) की मौत हो गई। इस हादसे में उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हो गईं और वर्तमान में अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसा दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास रिंग रोड पर हुआ, जब एक तेज रफ्तार BMW कार ने नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी।
रिपोर्ट के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच हुआ, जब नवजोत सिंह अपनी पत्नी के साथ बंगला साहिब गुरुद्वारा से अपने घर हरि नगर लौट रहे थे। मेट्रो पिलर नंबर 67 के पास रिंग रोड पर एक BMW कार, जिसे गुरुग्राम निवासी गगनप्रीत कौर चला रही थी, ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर बाईं ओर एक बस से जा भिड़ी। इस हादसे में नवजोत सिंह और उनकी पत्नी सड़क पर गिर गए, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं।
BMW कार भी टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और पलट गई। कार में सवार गगनप्रीत कौर और उनके पति परीक्षित कक्कड़ को भी चोटें आईं, और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गगनप्रीत कौर और उनके पति के खिलाफ भारतीय नवीन संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), 105 (गैर-इरादतन हत्या), 125B (जानबूझकर चोट पहुंचाना), और 238A (सबूत नष्ट करने का प्रयास) के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस ने BMW कार और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है और घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार के सेंट्रल वर्ज से टकराने के कारण वह अनियंत्रित हुई, जिसके बाद उसने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद गगनप्रीत और उनके पति ने एक टैक्सी बुलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, परिवार का आरोप है कि इस प्रक्रिया में देरी हुई, जिसके कारण नवजोत सिंह की जान नहीं बच सकी।
घटनास्थल पर मौजूद लोगो ने बताया कि BMW कार बहुत तेज गति से आ रही थी, और चालक का उस पर नियंत्रण नहीं था। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, और मोटरसाइकिल सड़क पर दूर तक घिसट गई। हादसे के बाद रिंग रोड पर लंबा जाम लग गया, और पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचने में समय लगा।
अस्पताल में देरी और परिवार का आरोप
हादसे के बाद, नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने के बजाय, लगभग 19 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के न्यूलाइफ अस्पताल ले जाया गया। नवजोत सिंह के बेटे, नवनूर सिंह, ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर उनके पिता को पास के किसी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, जैसे एम्स या सफदरजंग, में ले जाया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। न्यूलाइफ अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नवजोत सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।
नवनूर सिंह ने बताया, "मुझे एक पारिवारिक मित्र का फोन आया, जिसने मुझे हादसे की जानकारी दी और बताया कि मेरे माता-पिता को जीटीबी नगर के न्यूलाइफ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेरी मां ने बताया कि उन्हें एक डिलीवरी वैन में अस्पताल ले जाया गया, और जब उन्हें होश आया, तो वह वैन की पैसेंजर सीट पर थीं, जबकि मेरे पिता पीछे लेटे हुए थे।"
परिवार और समाज में शोक
नवजोत सिंह वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थे और अपनी ईमानदारी और समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से परिवार और सहकर्मियों में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोग सड़क सुरक्षा और त्वरित चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
पुलिस ने क्राइम टीम और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। गगनप्रीत कौर और उनके पति, जो गुरुग्राम के निवासी हैं, उनके खिलाफ जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हादसे में सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई। इस मामले में और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।



