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नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स और लाइसेंस प्रक्रिया को जोड़ा, खर्च और झंझट दोनों होंगे कम

नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स और लाइसेंस प्रक्रिया को जोड़ा, खर्च और झंझट दोनों होंगे कम

दिल्ली में कारोबार करने वालों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। अब व्यापारियों को जनरल ट्रेड लाइसेंस और स्टोरेज लाइसेंस के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू करते हुए ट्रेड लाइसेंस को सीधे प्रॉपर्टी टैक्स से जोड़ दिया है। अब व्यापारी एक ही पोर्टल पर टैक्स के साथ लाइसेंस फीस जमा कर सकेंगे। निगम का कहना है कि इस फैसले से लाइसेंस प्रक्रिया आसान होगी और व्यापारियों का समय भी बचेगा।

रसीद ही बनेगी लाइसेंस

नगर निगम के नए आदेश के मुताबिक अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा। भुगतान के बाद मिलने वाली रसीद को ही वैध ट्रेड लाइसेंस माना जाएगा। यह लाइसेंस एक वित्तीय वर्ष तक मान्य रहेगा। निगम ने साफ किया है कि व्यापारियों को सभी जरूरी नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

UPIC से जुड़ी प्रक्रिया

नई व्यवस्था पूरी तरह यूनिक प्रॉपर्टी आईडी कोड यानी UPIC नंबर पर आधारित होगी। हर संपत्ति पहले से UPIC नंबर से जुड़ी हुई है और अब लाइसेंस शुल्क भी उसी सिस्टम में शामिल कर दिया गया है। इससे पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान बनने की उम्मीद है। निगम अधिकारियों का कहना है कि इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और डेटा मैनेजमेंट भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।

व्यापारियों की जिम्मेदारी

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्यापारियों को फायर सेफ्टी, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी या संपत्ति मालिक की होगी। इसके लिए टैक्स भुगतान के समय एक घोषणा पत्र भी देना होगा। निगम का कहना है कि नई व्यवस्था सुविधा देने के साथ जवाबदेही भी तय करेगी।

खर्च में होगी राहत

नगर निगम ने तय किया है कि जनरल ट्रेड या स्टोरेज लाइसेंस शुल्क प्रॉपर्टी टैक्स का केवल 15 प्रतिशत होगा। पहले लाइसेंस बनवाने में व्यापारियों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब खर्च काफी कम हो जाएगा। बृजेश गोयल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दिल्ली के लाखों व्यापारियों को राहत मिलेगी और इंस्पेक्टर राज जैसी परेशानियां भी कम होंगी। नई व्यवस्था लागू होने से व्यापारियों को तेज और आसान सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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