देश की राजधानी दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ बड़ा अभियान लगातार चल रहा है। पुलिस के अनुसार जून 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 1589 लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया और वापस भेजा गया। यह संख्या पिछले महीनों की तुलना में दोगुनी से ज्यादा है, जिससे साफ है कि अभियान अब पहले से ज्यादा तेज हो चुका है।
केंद्र के निर्देश के बाद शुरू हुआ अभियान
यह पूरा अभियान नवंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद शुरू किया गया था। मंत्रालय ने सभी राज्यों को अवैध प्रवासियों और रोहिंग्या लोगों की पहचान करने और उन्हें हिरासत में लेने के आदेश दिए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच और वेरिफिकेशन अभियान चलाया, जिसमें कई लोगों को पकड़कर आगे की कार्रवाई की गई।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ी रफ्तार
बताया जा रहा है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इस अभियान में और तेजी आ गई। एक महीने के अंदर करीब 500 अवैध प्रवासियों को पकड़ा गया। इसके बाद लगातार कार्रवाई जारी रही और फरवरी 2026 तक बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियां ज्यादा सतर्क हो गईं।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा लोग पकड़े गए
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के बाहरी जिलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। यहां से सबसे अधिक लोग पकड़े गए, जबकि दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में प्रवासी मिले। कई लोग हरियाणा और राजस्थान के पास के इलाकों में ईंट भट्ठों पर मजदूरी करते हुए पाए गए, जहां पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें पकड़ा।
कैसे भेजा गया वापस बांग्लादेश
हिरासत में लिए गए लोगों को पहले संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया और फिर ट्रेन और बस के जरिए पूर्वी राज्यों तक पहुंचाया गया। इसके बाद सीमा के रास्ते उन्हें वापस भेजा गया। पहलगाम हमले के बाद प्रक्रिया और तेज हुई और कई लोगों को गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस से विशेष विमानों के जरिए अगरतला भेजकर सीमा पार कराया गया।
नेटवर्क पर भी कड़ी नजर, जांच जारी
इस पूरे मामले में सिर्फ प्रवासियों पर ही नहीं, बल्कि उन्हें मदद देने वाले नेटवर्क पर भी जांच चल रही है। पुलिस ने कई मामले दर्ज किए हैं और दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों पर कार्रवाई शुरू की है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घुसपैठ को रोका जा सके और सुरक्षा मजबूत बनी रहे।
