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गर्मी में पानी की कमी से बढ़ सकती हैं ये परेशानियां, बुजुर्गों को क्यों रहना चाहिए ज्यादा सतर्क?

गर्मी में पानी की कमी से बढ़ सकती हैं ये परेशानियां, बुजुर्गों को क्यों रहना चाहिए ज्यादा सतर्क?

गर्मी के मौसम में शरीर से पसीने के जरिए काफी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है। अगर समय पर इसकी भरपाई नहीं की जाए तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार बच्चों और मरीजों के साथ-साथ बुजुर्गों को भी इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। शरीर में पानी की कमी होने पर कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं, जिनमें कब्ज, यूरिन संक्रमण और कमजोरी प्रमुख हैं।

डिहाइड्रेशन से क्या होता है?
एक्सपर्ट बताते हैं कि बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन होने पर अचानक थकान, कमजोरी, बेचैनी और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार शरीर में पानी की कमी के कारण रक्तचाप भी प्रभावित होता है, जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी के दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त पानी बेहद जरूरी माना जाता है।

यूरिन और किडनी पर असर
जब शरीर में पानी कम हो जाता है तो पेशाब का प्रवाह भी कम होने लगता है। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। लगातार पानी की कमी रहने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बुजुर्गों को दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए, भले ही उन्हें ज्यादा प्यास न लगे।

कब्ज की समस्या भी बढ़ती है
शरीर में पर्याप्त पानी न होने पर पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे मल सख्त हो सकता है और कब्ज की शिकायत शुरू हो सकती है। बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए गर्मियों में पानी के साथ-साथ फाइबर युक्त भोजन, फल और हरी सब्जियां भी जरूरी मानी जाती हैं।

ऐसे रखें खुद को हाइड्रेटेड
विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीना चाहिए। तरबूज, खरबूजा, खीरा, टमाटर, संतरा और दही जैसे पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ भी फायदेमंद हो सकते हैं। दोपहर की तेज धूप से बचना, हल्के सूती कपड़े पहनना और शरीर के संकेतों पर ध्यान देना भी जरूरी है। अगर बार-बार चक्कर आएं, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या पेशाब में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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