क्या होती है डबल हैट्रिक? दासुन शनाका ने दोहराया दुर्लभ कारनामा, मलिंगा समेत सिर्फ 4 गेंदबाजों ने किया कमाल
मेजर लीग क्रिकेट में श्रीलंका के ऑलराउंडर दासुन शनाका ने अपने शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींच लिया। टेक्सस सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में विरोधी टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 10 रन चाहिए थे, लेकिन शनाका ने लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेकर मैच का पूरा रुख बदल दिया। उनके इस प्रदर्शन की क्रिकेट जगत में खूब चर्चा हो रही है। लगातार चार विकेट लेने के इस कारनामे को क्रिकेट की भाषा में डबल हैट्रिक कहा जाता है, जो बेहद दुर्लभ माना जाता है।
क्या होती है डबल हैट्रिक?
क्रिकेट में सामान्य हैट्रिक तब मानी जाती है, जब कोई गेंदबाज लगातार तीन गेंदों पर तीन बल्लेबाजों को आउट करे। वहीं यदि गेंदबाज लगातार चौथी गेंद पर भी विकेट हासिल कर ले तो इसे डबल हैट्रिक कहा जाता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आधिकारिक नियमों में 'डबल हैट्रिक' शब्द का अलग से उल्लेख नहीं है, लेकिन लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेने की उपलब्धि को इसी नाम से जाना जाता है। क्रिकेट इतिहास में यह कारनामा बहुत कम बार देखने को मिला है और इसे किसी भी गेंदबाज की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।
मलिंगा ने दो बार रचा इतिहास
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे पहले श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने डबल हैट्रिक का रिकॉर्ड बनाया था। खास बात यह है कि उन्होंने यह कारनामा एक नहीं बल्कि दो बार किया। पहली बार 2007 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच में और दूसरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेकर इतिहास रचा। उनके अलावा अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने 2019 में आयरलैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। टी20 विश्व कप 2021 में आयरलैंड के कर्टिस कैम्फर ने भी लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेकर नया इतिहास बनाया।
होल्डर भी खास क्लब में शामिल
वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले में लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेकर इस खास क्लब में जगह बनाई थी। अब दासुन शनाका ने मेजर लीग क्रिकेट में इसी तरह का कारनामा कर एक बार फिर डबल हैट्रिक को चर्चा का विषय बना दिया है। लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेना क्रिकेट के सबसे मुश्किल रिकॉर्डों में गिना जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर में बहुत कम गेंदबाज इस उपलब्धि तक पहुंच पाए हैं और जब भी ऐसा होता है, वह क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों में शामिल हो जाता है।
