अप्रैल 2026 का पहला हफ्ता खत्म हो चुका है, लेकिन लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को अब भी महंगाई भत्ते (DA) बढ़ोतरी का इंतजार है। हर साल जनवरी से लागू होने वाले DA का ऐलान आमतौर पर मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में हो जाता है, लेकिन इस बार देरी ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले रिकॉर्ड देखें तो 2025 में 28 मार्च को घोषणा हो गई थी और 2024 में भी अप्रैल की शुरुआत तक नोटिफिकेशन जारी हो गया था। ऐसे में इस बार की देरी असामान्य मानी जा रही है।
कितनी हो सकती है बढ़ोतरी
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर इस बार DA में करीब 2% तक की बढ़ोतरी संभव है। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा 58% से बढ़कर यह 60% तक पहुंच सकता है। इसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ेगा और उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि यह बढ़ोतरी ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकिन महंगाई के दौर में यह अहम मानी जा रही है।
देरी की क्या है असली वजह
जानकारों का मानना है कि इस देरी के पीछे कोई बड़ा संकट नहीं है। यह सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया और टाइमिंग से जुड़ा मामला हो सकता है। बताया जा रहा है कि सरकार आने वाले वेतन आयोग की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित तरीके से फैसले लेना चाहती है। इसके अलावा कई बार सरकार DA बढ़ोतरी का ऐलान त्योहारों के आसपास करती है, ताकि कर्मचारियों को एक साथ राहत मिल सके। इसलिए देरी को किसी नकारात्मक संकेत के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।
क्या DA फ्रीज होने का खतरा है
कोविड-19 के दौरान सरकार ने लगभग 18 महीने तक DA को फ्रीज कर दिया था, जिससे कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा था। लेकिन मौजूदा हालात उस समय जैसे नहीं हैं। विशेषज्ञ साफ तौर पर कह रहे हैं कि इस बार DA रोकने जैसी कोई स्थिति नहीं है। आर्थिक स्थिति स्थिर है और सरकार कर्मचारियों को राहत देने के पक्ष में ही नजर आ रही है।
एरियर को लेकर राहत की खबर
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि देरी होने पर भी कर्मचारियों को नुकसान नहीं होगा। DA हमेशा 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। इसका मतलब है कि जब भी घोषणा होगी, कर्मचारियों को बकाया रकम यानी एरियर भी एक साथ मिलेगा। संभावना है कि सरकार अप्रैल के दूसरे हफ्ते या महीने के मध्य तक इसका ऐलान कर सकती है, जिससे लंबे इंतजार के बाद कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
