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अरब सागर से उठे साइक्लोन 'शक्ति' की ओर बढ़ रहा तूफान, मुंबई समेत तटीय इलाकों में चेतावनी

अरब सागर से उठे साइक्लोन 'शक्ति' की ओर बढ़ रहा तूफान, मुंबई समेत तटीय इलाकों में चेतावनी

अरब सागर में विकसित हो रहे चक्रवात 'शक्ति' ने महाराष्ट्र के तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों के लिए हाई टू मॉडरेट साइक्लोन वार्निंग जारी की है, जो 3 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग जैसे जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है, जिससे बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। यह मौसम का पहला चक्रवात है, जो राज्य को पहले से ही हो रही मॉनसून की बौछारों के बाद और चुनौतियां दे रहा है।

आईएमडी के अनुसार, चक्रवात 'शक्ति' वर्तमान में 21.3° उत्तर अक्षांश और 67.1° पूर्व देशांतर के आसपास स्थित है, जो गुजरात के द्वारका से लगभग 240 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में है। यह सिस्टम तेजी से तीव्र हो रहा है और अगले 24 घंटों में गंभीर चक्रवाती तूफान (89-117 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं) में बदल सकता है। उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 3 से 5 अक्टूबर तक 45-55 किमी/घंटा की हवाएं चलने का पूर्वानुमान है, जिसमें 65 किमी/घंटा तक के झोंके शामिल हैं। समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहेगी, जिससे मछुआरों को 5 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

पूर्वी विदर्भ और मराठवाड़ा के आंतरिक इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तरी कोकण के निचले इलाकों में बादलों का घना होना और नमी का प्रवाह बाढ़ का खतरा बढ़ा सकता है। मुंबई में शनिवार सुबह से ही हल्की फुहारें शुरू हो चुकी हैं, और अगले 48 घंटों में तीव्र वर्षा की उम्मीद है।

बाढ़, जलभराव और यातायात पर असर

चक्रवात के कारण महाराष्ट्र के तटीय और आंतरिक जिलों में कई तरह के प्रभाव देखने को मिल सकते हैं:

  • भारी बारिश और बाढ़: मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जैसे शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है, खासकर निचले इलाकों में। हाल ही में हुई मॉनसून बारिश के बाद नदियां और नाले पहले से ही उफान पर हैं।
  • तेज हवाएं और समुद्री लहरें: मछली पकड़ने की गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाएंगी, और तटीय इलाकों में लहरें ऊंची उठ सकती हैं।
  • यातायात और बुनियादी ढांचे पर असर: लोकल ट्रेनें, सड़कें और हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती हैं। पुणे और रत्नागिरि में भी येलो अलर्ट जारी होने से सतर्कता बरतनी होगी।

कृषि क्षेत्र को भी नुकसान हो सकता है, क्योंकि फसलें पहले से ही अतिवृष्टि से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह चक्रवात राज्य की अर्थव्यवस्था को छोटे स्तर पर प्रभावित कर सकता है, लेकिन समय रहते तैयारी से नुकसान को कम किया जा सकता है।

सरकार की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार ने चक्रवात की आहट पाते ही कमर कस ली है। जिसमें तटीय और निचले इलाकों के लिए निकासी योजनाएं तैयार की गईं।

मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पुणे और रत्नागिरि को येलो अलर्ट पर रखा गया है, जिसका मतलब है कि सतर्क रहें लेकिन घबराएं नहीं।सार्वजनिक सलाह जारी: भारी बारिश के दौरान घर से बाहर न निकलें, समुद्र यात्रा से बचें, और आपातकालीन सेवाओं के संपर्क में रहें।

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीआरएफ की टीमें मुंबई और तटीय जिलों में तैनात कर दी गई हैं। साथ ही, ड्रेनेज सिस्टम की जांच और बिजली-पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष दस्ते गठित किए गए हैं। "हम पिछले मॉनसून के सबक से सीख चुके हैं। हर संभव प्रयास नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए किया जा रहा है," एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।

जनता के लिए सलाह

  • घर पर रहें: अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर निचले इलाकों में।
  • मछुआरे सतर्क: 5 अक्टूबर तक समुद्र में न उतरें।
  • आपातकालीन संपर्क: स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन 1077 पर कॉल करें।
  • मौसम अपडेट: आईएमडी की वेबसाइट या ऐप पर नजर रखें।

चक्रवात 'शक्ति' का असर 7 अक्टूबर तक रहेगा, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसका पीक 4-5 अक्टूबर को होगा। राज्यवासी सतर्क रहें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।

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