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अयोध्या विवाद पर CM योगी ने जो कहा बढ़ी विरोधियों की टेंशन, दूध का दूध और पानी का पानी करने की क्यों कही बात ?

अयोध्या विवाद पर CM योगी ने जो कहा बढ़ी विरोधियों की टेंशन, दूध का दूध और पानी का पानी करने की क्यों कही बात ?

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी के पास कोई प्रमाण है तो वह विशेष जांच दल यानी SIT को उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी निष्पक्षता से होगी और सच सबके सामने आएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।

15 दिन इंतजार करने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम भक्तों को धैर्य रखना चाहिए और SIT की जांच पूरी होने तक किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जांच सभी तथ्यों को स्पष्ट कर देगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश करने वालों के बहकावे में न आएं। उनके अनुसार कुछ लोग नहीं चाहते कि अयोध्या विकास और धार्मिक महत्व के केंद्र के रूप में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि प्रभु राम ने मर्यादा का संदेश दिया है और उसी भावना के साथ सभी को संयम बनाए रखना चाहिए।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं, वही पहले राम मंदिर आंदोलन के दौरान अलग रुख अपनाते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत में जय श्रीराम के नारों पर कार्रवाई करने वाले लोग आज उपदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल अब राम भक्तों की भावनाओं की बात कर रहे हैं, जबकि पहले उनका रवैया अलग था। इसी के साथ उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया।

जांच प्रभावित न करने की सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान लगातार बयानबाजी करने से प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी, चाहे वह कोई भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सच सामने लाना है और किसी निर्दोष को नुकसान पहुंचाना नहीं है। उन्होंने दोहराया कि SIT को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए।

अब रिपोर्ट का इंतजार

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक बयानबाजी तेज है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल सभी की नजर SIT की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी। तब तक अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

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