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विधानसभा में CM योगी, कहा- 'संगम का पानी नहाने और पीने लायक'    

विधानसभा में CM योगी, कहा- 'संगम का पानी नहाने और पीने लायक'  

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू हो गया है। बुधवार को यूपी मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा में त्रिवेणी संगम के पानी को दूषित बताने वाली रिपोर्ट कई सवाल उठाए है योगी कहा- संगम और उसके आसपास के सभी पाइप और नालों को टेप कर दिया गया है। पानी को शुद्ध करने के बाद ही छोड़ा जा रहा है।

प्रयागराज में भव्य महाकुंभ जारी, लाखो लोग रोजाना संगम मे स्नान के लिए आ रहे है, इसी बीच विपक्षी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को त्रिवेणी संगम के पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़ा किया था। एक रिपोर्ट के अनुसार शिवपाल ने लिखा- "महा कुंभ में गंगा स्नान से पहले पानी शुद्ध करने के सरकारी दावों की पोल खुल गई!

CPCB रिपोर्ट कहती है कि पानी में फ़ीकल बैक्टीरिया तय सीमा से ज़्यादा है। अब भक्त सोच रहे हैं – “ये डबल इंजन सरकार है या डबल इंफेक्शन सरकार? फेकल बैक्टीरिया रिपोर्ट पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में कहा, "त्रिवेणी के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं… संगम और उसके आसपास के सभी पाइप और नालों को टेप कर दिया गया है और पानी को शुद्ध करने के बाद ही छोड़ा जा रहा है… यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है,

https://twitter.com/ANI/status/1892149741309636667?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1892149741309636667%7Ctwgr%5E8cc97117440d4edefe37708ea1cf6b50d20dc11d%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.indiatv.in%2Futtar-pradesh%2Fmahakumbh-triveni-sangam-water-is-suitable-for-bathing-and-aachman-said-cm-yogi-adityanath-2025-02-19-1114413

आज की रिपोर्ट के अनुसार त्रिवेणी संगम के पास (BOD) की मात्रा 3 से कम है और घुलित ऑक्सीजन 8-9 के आसपास है. इसका मतलब है कि संगम का पानी न केवल नहाने के लिए बल्कि आचमन के लिए भी उपयुक्त है… फेकल कोलीफॉर्म बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे सीवेज लीकेज और जानवरों का मल... लेकिन प्रयागराज में फेकल कोलीफॉर्म (Frizzle Collie Form) की मात्रा मानकों के अनुसार 2,500 MPN प्रति 100 ml से कम है… इसका मतलब है कि झूठा अभियान केवल महाकुंभ को बदनाम करने के लिए है… NGT ने भी कहा है कि फेकल अपशिष्ट 2000 MPN प्रति 100 ml से कम था।

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