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उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से भारी तबाही, 10 लोग लापता, राहत कार्य जारी

उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से भारी तबाही, 10 लोग लापता, राहत कार्य जारी

उत्तराखंड़ के चमोली जिले में बुधवार देर रात नंदानगर घाट क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 10 लोग लापता बताए जा रहे है जबकि 2 लोग को सुरक्षित बचा लिया गया है भारी बारिश और मलबे के सैलाब ने कई गांवों मे भारी नुकसान पहुंचाआ है, जिससें 6 से अधिक मकान पूरी तरह धवस्त हो गए है।

जानकारी के अनुसार, यह विनाशकारी घटना बुधवार देर रात लगभग 2:30 बजे चमोली के नंदानगर क्षेत्र में हुई। फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी, भैंसवाड़ा, और धुर्मा गांवों के ऊपर पहाड़ी पर बादल फटने के बाद भारी मात्रा में मलबा और पानी गांवों की ओर बह निकला। मलबे की चपेट में आने से नंदानगर के कुंतरी लंगाफली वार्ड में छह मकान पूरी तरह मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय हुई इस घटना में लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।

चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया, "नंदानगर घाट इलाके में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। सात लोग लापता हैं, जबकि दो को बचा लिया गया है।" उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

राहत और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की। एक मेडिकल टीम और तीन एम्बुलेंस भी प्रभावित क्षेत्र में भेजी गई हैं। हालांकि, प्रतिकूल मौसम की स्थिति और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। मौसम विभाग ने चमोली में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, "मैं स्वयं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। स्थानीय प्रशासन, SDRF, और पुलिस टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।" उन्होंने प्रभावित लोगों की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

नुकसान का आकलन

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस आपदा ने तीन गांवों में भारी तबाही मचाई है। कई मकान, सड़कें, और पुल बह गए हैं, जिससे गांवों का संपर्क बाकी क्षेत्रों से कट गया है। बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। मोक्ष नदी के उफान पर होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई लोग अभी भी अपने घरों में फंसे हो सकते हैं।

उत्तराखंड में मानसून का कहर

उत्तराखंड में इस साल मानसून ने भारी तबाही मचाई है। चमोली के अलावा, देहरादून और उत्तरकाशी जैसे जिलों में भी बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में देहरादून के सहस्रधारा इलाके में बादल फटने से 15 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग लापता हो गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी चरम मौसमी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसके लिए बेहतर आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी प्रणाली की जरूरत है।

बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक चमोली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इससे बचाव कार्य और जटिल हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों के पास न जाने की अपील की है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण और अस्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था की जा रही है। इस आपदा ने एक बार फिर उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन प्रणाली की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ लंबे समय से बेहतर बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन योजनाओं की मांग कर रहे हैं।

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