जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पड्डर सब-डिवीजन के चशोती गांव में 14 अगस्त 2025 दोपहर करीब 12:30 बजे बादल फटने की घटना सामने आई। यह घटना मचैल माता मंदिर के पास हुई, जो एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे इलाके में भारी तबाही मची। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
यह हादसा उस समय हुआ जब मचैल माता यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु चशोती गांव में एकत्रित थे। यह वार्षिक तीर्थयात्रा देवी दुर्गा के एक रूप, माता चंडी को समर्पित है, जो भद्रवाह के चिनोट से शुरू होकर मचैल मंदिर तक जाती है। घटना के समय कई लोग लंगर और तीर्थयात्रा से संबंधित गतिविधियों में शामिल थे। बादल फटने के बाद तेज पानी का बहाव और मलबे ने कई टेंट, दुकानें और अन्य अस्थायी संरचनाओं को बहा दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ, और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि चशोती इलाके में बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है, हालांकि खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाइयां आ रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इस आपदा में बाढ़ के कारण सड़कें, घर और छोटी दुकानें बह गईं। आधे से ज्यादा गांव का हिस्सा तबाह हो गया, और रास्तों के नष्ट होने से बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। इस आपदा में 12 की मौत की आशंका है। लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं कई लोग अभी भी लापता हैं,
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ के उपायुक्त और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से बात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि प्रशासन हर संभव मदद मुहैया करा रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शोक व्यक्त करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।सडीआरएफ की टीमें और स्थानीय लोग भी बचाव कार्यों में मदद कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह: उन्होंने ट्वीट किया, "चोसिटी इलाके में बादल फटने से भारी जनहानि की आशंका है। प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है।"
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: उन्होंने कहा, "चोसिटी, किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
स्थानीय विधायक सुनील शर्मा: उन्होंने बताया कि इलाके में भारी नुकसान की आशंका है और एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें मांगी गई हैं। बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक: उन्होंने भी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
यह पहली बार नहीं है जब किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना हुई है। 2021 में भी इस क्षेत्र में एक ऐसी ही आपदा आई थी, जिसमें भारी नुकसान हुआ था। हाल के वर्षों में, ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे किश्तवाड़ जैसे पहाड़ी इलाके विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।



