उत्तराखंड के बाद हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के तंगलिंग क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण तंगलिंग नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे क्षेत्र में भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई। भारी बारिश और मलबे के सैलाब ने सड़कों, घरों और अन्य ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया।
आपको बता दें उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार सुबह प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। गंगोत्री धाम के पास स्थित धराली गांव में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और मलबे के सैलाब ने गांव को जमींदोज कर दिया। जिसमे 4 लोगो की मौत हो गई कई लापता हुए थे। वहीं आज हिमाचल प्रदेश मे भारी तबाही का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पहाड़ों से चट्टानें और मलबा सड़क पर गिरते दिखाई दे रहे हैं।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए किन्नर कैलाश यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। इस यात्रा के दौरान लगभग 100 श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन और ITBP की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। ITBP ने रस्सियों के सहारे 413 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मौसम विभाग ने क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
राहत बचाव कार्य
जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, और ITBP की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, और सड़कों के अवरुद्ध होने के बावजूद टीमें पैदल मार्गों का उपयोग कर प्रभावित लोगों तक पहुंच रही हैं। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सुविधाओं को भी बचाव कार्यों में शामिल किया गया है।
कितना हुआ नुकसान?
बादल फटने से कई घरों, सड़कों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। मलबा और पानी के तेज बहाव ने स्थानीय बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान का सटीक आकलन अभी बाकी है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात कर स्थिति की जानकारी ली और राहत कार्यों के लिए केंद्र की ओर से पूर्ण समर्थन का वादा किया। राज्य सरकार भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने में जुटी है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों, विशेष रूप से किन्नौर, शिमला, मंडी, और कुल्लू में भारी बारिश की संभावना जताई है। 5 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया गया है, और लोगों से नदियों और नालों के किनारे न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में किन्नौर में सामान्य से 49% कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन बादल फटने जैसी घटनाएं अचानक तबाही मचा रही हैं।



