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Barabanki की रैली में चंद्रशेखर आजाद का तीखा बयान, करणी सेना से टकराव के बाद सियासत में बढ़ा नया विवाद

Barabanki की रैली में चंद्रशेखर आजाद का तीखा बयान, करणी सेना से टकराव के बाद सियासत में बढ़ा नया विवाद

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद सामने आया है। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद और करणी सेना के बीच टकराव की चर्चा तेज हो गई है। बाराबंकी में हुई एक बड़ी रैली के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने मंच से ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। हजारों समर्थकों के बीच उन्होंने साफ कहा कि वह किसी की धमकी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई उन्हें डराने या रोकने की कोशिश करेगा तो उसका जवाब भी उसी अंदाज में दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

चेतावनी के बाद भी बाराबंकी पहुंचे सांसद
इस विवाद की शुरुआत उस बयान से हुई जिसमें करणी सेना की ओर से कहा गया था कि चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रैली नहीं करने दी जाएगी। इस चेतावनी के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरम हो गया था। हालांकि चंद्रशेखर आजाद ने पीछे हटने के बजाय बाराबंकी पहुंचकर रैली करने का फैसला किया। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह संविधान में भरोसा रखते हैं और लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि दलित और वंचित समाज की आवाज को दबाने की कोशिश करने वालों का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।

रैली के दौरान सुरक्षा को लेकर भी उठा सवाल
रैली के दौरान एक घटना ने माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम के बीच अचानक एक युवक सुरक्षा घेरा पार करके मंच की ओर बढ़ने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और बाहर ले गए। तलाशी के दौरान उसकी कमर में पिस्टल होने का दावा किया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। युवक ने खुद को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही बताया, लेकिन वह कोई पहचान पत्र नहीं दिखा सका। इसके बाद उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

2027 चुनाव को लेकर भी दिया बड़ा संकेत
इस रैली के मंच से चंद्रशेखर आजाद ने आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बदलाव की जरूरत है और उनकी पार्टी पूरे प्रदेश में मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बाराबंकी की सदर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर की। साथ ही उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और भाईचारे की ताकत से राजनीति में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। फिलहाल करणी सेना और चंद्रशेखर आजाद के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।

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