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चंदौली सड़क हादसा: छठ महोत्सव की खुशियों पर साया, सास, बहू और पोते की एक साथ मौत…

चंदौली सड़क हादसा: छठ महोत्सव की खुशियों पर साया, सास, बहू और पोते की एक साथ मौत…

छठ पूजा का पावन पर्व, जो सूर्यदेव की आराधना और पारिवारिक एकजुटता का प्रतीक है, आज उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक परिवार के लिए काल बन गया। सुबह की पहली किरणों में घाट की ओर कदम बढ़ाने वाले एक साधारण परिवार के तीन सदस्य सास, बहू और उनका इकलौता पोता एक बेकाबू ट्रक की चपेट में आ गए। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर पंचफेड़वा गांव के पास हुए इस भयावह हादसे ने न सिर्फ एक घर को वीरान कर दिया, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। हादसे के बाद भांजे के शव को गोद में लिए मामा का फूट-फूटकर रोना देखकर हर आंख नम हो गई। ट्रक चालक फरार है, और पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।

मंगलवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे का समय था। रेवसा-पंचफेड़वा गांव के निवासी सुखराम का परिवार छठ घाट की ओर पैदल निकला था। छठ पूजा का पहला दिन होने से घर में उत्साह था। सास कुमारी देवी (45 वर्ष), उनकी बहू चांदनी देवी (30 वर्ष) और सात वर्षीय पोता सौरभ कुमार थकान भूलकर एक किलोमीटर दूर स्थित तालाब के किनारे पूजा देखने जा रहे थे। पड़ोसी परिवार वहां पहले से ही सूर्य को अर्घ्य दे रहे थे। हाईवे पर सुबह की शांति भंग करने वाला एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। पीछे से आते हुए ट्रक ने तीनों को रौंद डाला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुमारी देवी, चांदनी और सौरभ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

ट्रक चालक ने भागने के क्रम में पहले सड़क किनारे के एक पेड़ से ठोकर मारी, फिर एक बाइक सवार को भी चोटिल कर दिया। बाइक सवार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, लेकिन घटनास्थल पर ट्रक के ब्रेक के निशान और मलबा साफ बयां कर रहा था कि लापरवाही की हद पार हो चुकी थी। अलीनगर थाना क्षेत्र के इस हादसे ने साबित कर दिया कि तेज रफ्तार और अंधेरे में ड्राइविंग कितनी घातक हो सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित परिवार को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि और अंतिम संस्कार का खर्च वहन करने का ऐलान किया गया है।

एक झटके में टूटा सब कुछ

कुमारी देवी परिवार की धुरी थीं। गांव में उन्हें 'मां' के नाम से जाना जाता था। वे न सिर्फ घर संभालती थीं, बल्कि पड़ोसियों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहतीं। उनकी बहू चांदनी देवी आठ साल पहले सुखराम के बेटे रंजीत कुमार से विवाह बंधन में बंधी थीं। चांदनी एक होनहार गृहिणी थीं, जो स्कूल में पढ़ाने का सपना संजोए रखती थीं। उनका इकलौता बेटा सौरभ पढ़ाई में तेज था और छठ पूजा के लिए नए कपड़े पहनकर घाट जाने को उत्साहित था। सौरभ की मौत ने परिवार को सबसे ज्यादा तोड़ दिया। सुखराम बताते हैं, "सौरभ हमारा इकलौता सहारा था। वह रोज पूजा-पाठ में सास-बहू के साथ रहता। आज सुबह वह कह रहा था, 'दादाजी, मैं अर्घ्य दूंगा।' लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा।"

हादसे की खबर मिलते ही सुखराम और रंजीत मौके पर पहुंचे। वहां का नजारा दिल दहला देने वाला था। सौरभ का शव सड़क पर पड़ा था, और चांदनी की मां का भाई—जो मामा कहलाते हैं—उस छोटे भांजे के शव को सीने से लगाकर फूट-फूटकर रो रहे थे। "मेरा भांजा… मेरा सौरभ… वह तो कल रात सोते वक्त कह रहा था कि घाट पर चले जाएंगे," मामा के रोते हुए शब्द आज भी गांव वालों के कानों में गूंज रहे हैं। परिवार में अब सिर्फ सुखराम, रंजीत और पांच वर्षीय पोती रूही बची है। रूही अभी हादसे को समझ ही नहीं पाई है। वह बार-बार पूछती है, "मम्मी-दादी-भाई कहां गए?" परिवार के सदस्य बेसुध होकर रो रहे हैं। पड़ोसी सुरेश कुमार ने बताया, "हमने सबसे पहले पहुंचकर एंबुलेंस बुलाई, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।"

गिरफ्तारी की मांग पर जाम

हादसे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और पत्थर, लाठियां व पेड़ की टहनियां बिछाकर हाईवे जाम कर दिया। वे चिल्ला रहे थे, "ट्रक चालक को फांसी दो!" "सड़क पर सुरक्षा दो!" हंगामा इतना बढ़ गया कि वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा और अलीनगर थाना प्रभारी अनिल कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने परिजनों को गले लगाकर सांत्वना दी और ट्रक चालक की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। सीओ शर्मा ने कहा, "सीसीटीवी फुटेज और ट्रक के नंबर से चालक की पहचान हो चुकी है। 24 घंटे में उसे पकड़ लेंगे। पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दी जाएगी।"

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में ट्रक की अधिक गति और चालक की नशे की आशंका जताई जा रही है। इलाके में छठ पूजा के दौरान पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने का फैसला लिया गया है।

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