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इटावा: कथावाचक के साथ हुई बदतमीजी का मामला, पीड़ित महिला ने छेड़खानी का लगाया आरोप

इटावा: कथावाचक के साथ हुई बदतमीजी का मामला, पीड़ित महिला ने छेड़खानी का लगाया आरोप

इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ददरपुर का मामला बढ़ता ही जा रहा है, आज कथा करने वाले परीक्षित महिला रेनू तिवारी और उनके पति जय प्रकाश तिवारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने के लिए पहुंचे, उन्होंने छेड़खानी की शिकायत करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है, उनके साथ बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद थे जो निष्पक्ष कार्यवाही की मांग रख रहे थे।

पीड़ित महिला रेनू तिवारी ने बताया कि हमारे यहां कथावाचक कथा करने पहुंचे तब हम लोग कथा प्रथम दिवसी करने के बाद देर शाम भोजन करवा रहे थे, उस समय कथा वाचक ने उंगली पकड़कर हमारे साथ बदतमीजी की और छेड़खानी कर दी, तभी हमने अपने पति को बताया तो उसी समय वहां मौजूद लड़के आक्रोशित हो गए, हमने अभी पुलिस अधिकारी से इसकी शिकायत की है, पीड़ित परीक्षित महिला के पति जयप्रकाश तिवारी का कहना है कि हम हरिद्वार में रहते हैं, प्राइवेट नौकरी करते हैं, यहां कथा में परीक्षित बने थे, हम लोगों को कुछ नहीं मालूम था लेकिन जैसे ही शाम को उन लोगों ने मेरी पत्नी के साथ बदतमीजी की छेड़खानी की, तो जैसे ही हम लोगों ने उनके साथ विरोध किया तो वह लोग धमकाने लगे, उन्होंने कहा-हमारे संबंध अखिलेश यादव से है,हम तुम्हें घर से उठा लेंगे, उसी समय पता चला कि यह लोग यादव हैं, मैं बाहर रहता हूं मेरे बच्चे बाहर रहते हैं हम लोग डर गए…उसके बाद वहां स्थानीय लड़कों ने उनके साथ जो किया, वह ठीक नहीं था, अब हमने अधिकारियों से इसकी शिकायत की है और निष्पक्ष जांच करने की मांग भी की है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित महिला ने कुछ बात बताई है वाली घटना की इनको सुना गया है बाकी जो सच्चाई है उस पर विवेचना हो रही है और सच्चाई के आधार पर कार्रवाई होगी।

जाने पूरा मामला।

जनपद इटावा के थाना बकेवर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दंदारपुर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में कथा व्यास दो युवक आए थे जिन्होंने अपने आप को अग्निहोत्री ब्राह्मण बनाकर पेश किया लेकिन स्थानीय लोगों के पहचान पर वह यादव जाति के निकले तो गांव के ही कुछ अराजक तत्वों ने उनकी चोटी काटी और उनकी पिटाई कर दी जिसके बाद आयोजकों ने काफी मन किया लेकिन फिर भी नहीं माने इस पर यादव समाज आकर्षित होकर कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया तो वहीं गांव के लोगों ने बातचीत करते हुए कहा कि यहां पर पहचान छुपा कर आए लोगों के साथ अराजक तत्वों ने घटनाक्रम किया है जो की निंदनीय है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए फिर भी कथावाचकों ने अपनी पहचान छुपाई उन्होंने धोखा दिया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए ऐसी स्थिति में यहां गांव में एक डर का माहौल व्याप्त हो गया है भागवत कथा का पंडाल लगा हुआ है लेकिन कथा विराम है कोई भी कथावाचक यहां नहीं आ रहा है।

हनुमान मंदिर पर कथा करवाने वाले आयोजक पाठक बाबा ने इन कथा वाचकों को बुलाया था उनका आरोप है कि इन कथा वाचक ने अपने आप को ब्राह्मण बात कर कहा था और ब्राह्मण बनकर ही सभी जगह कथा कह रहे थे लेकिन हमसे भी उन्होंने अग्निहोत्री ब्राह्मण कहकर वह आए और फर्जी आधार कार्ड दिखाए उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। कथा परीक्षित बने जयप्रकाश तिवारी ने कहा कि हमको परीक्षित बनाया गया था हमने तो उनके पैर भी पूजे थे हमारे घर की पत्नी ने भी उनका बड़ा सम्मान किया सभी लोगों ने सम्मान किया लेकिन हम सभी को पहले से ही ब्राह्मण बताया गया था लेकिन बाद में गांव वालों ने पता कर लिया कि वह यादव समाज के हैं तो वह धोखा हुआ इससे कुछ गांव के लड़के आकर्षित हो गए और उन्होंने चोटी काटने का काम कर दिया। हम लोगों ने बहुत मन किया था लेकिन फिर भी नहीं माने उन्होंने पूरी कथा बिगाड़ दी है अब कथा कहने वाला कोई नहीं आ रहा है लेकिन मेरी मांग है की लड़कों के खिलाफ तो कार्रवाई हो रही है कथा वाचकों के खिलाफ भी फर्जी आधार कार्ड बनाकर धोखा देने की एक भी कार्रवाई होनी चाहिए। डर का माहौल बन गया है भागवत कथा नहीं हो पा रही है अब कोई कथा कहने नहीं आ रहा है।

गांव के ही आयोजन में सम्मिलित नरेंद्र तिवारी ने भी बताया कि पहचान छुपाना गलत था धोखे से आई और अपने आप को अग्निहोत्री और तिवारी बढ़कर उन्होंने धोखा दिया फिर जब उनकी असली पहचान हो गई तो गांव वालों ने जो काम किया वह गलत है उनको सजा मिलनी चाहिए लेकिन उन कथा वाचक के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने जिस तरह से धोखा देने के बाद यह काम किया और फिर उसके बाद इसकी राजनीतिकरण हुआ है।

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