कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसके साथ ही मांसपेशियों और नसों के सही काम करने में भी इसकी बड़ी भूमिका होती है। अगर शरीर में कैल्शियम का स्तर कम हो जाए तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो सकती हैं। इसलिए इसका संतुलित स्तर बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
कैल्शियम की कमी से होने वाली परेशानियां
डॉक्टरों के अनुसार शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर कई तरह की दिक्कतें सामने आ सकती हैं। हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को हल्की चोट लगने पर भी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है। लंबे समय तक यह समस्या रहने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
विटामिन डी की कमी भी बड़ा कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में कैल्शियम की कमी का एक बड़ा कारण विटामिन डी की कमी भी होती है। विटामिन डी शरीर को कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। अगर शरीर में विटामिन डी कम हो जाए तो कैल्शियम का स्तर भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए दोनों पोषक तत्वों का संतुलन जरूरी होता है।
कुछ बीमारियां भी बनती हैं वजह
किडनी से जुड़ी बीमारियां भी शरीर में कैल्शियम के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं। अगर किडनी ठीक से काम नहीं करती तो शरीर में मिनरल्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके अलावा थायरॉयड और पैराथायरॉयड ग्रंथियों से जुड़ी समस्याएं भी कैल्शियम की कमी का कारण बन सकती हैं। कुछ पाचन संबंधी बीमारियां भी इस स्थिति को बढ़ा सकती हैं।
कमी होने पर दिख सकते हैं ये संकेत
जब शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने लगता है तो कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं। जैसे हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द और लगातार थकान महसूस होना। कई लोगों को दांतों से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं। अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
संतुलित भोजन और धूप से बचाव संभव
कैल्शियम की कमी से बचने के लिए संतुलित भोजन करना बहुत जरूरी है। रोजाना के आहार में दूध, दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करनी चाहिए। इसके साथ ही धूप में कुछ समय बिताने से शरीर को विटामिन डी मिलता है, जो कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली भी हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करती है।
