भारतीय परंपरा के अनुसार नया साल जनवरी से नहीं बल्कि चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है। वर्ष 2026 में यह शुभ दिन 19 मार्च को पड़ रहा है। इसी दिन से विक्रम संवत 2083 का आगाज होगा। इस दिन को बेहद पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसी समय से नवरात्रि की शुरुआत भी होती है और घर-घर में पूजा-पाठ का माहौल बनता है।
संवत का नाम क्या संकेत देता है
इस बार के विक्रम संवत 2083 को रौद्र नाम दिया गया है। एक्सपर्ट के अनुसार यह नाम शक्ति, अनुशासन और बड़े बदलावों का प्रतीक माना जाता है। इसका अर्थ यह है कि आने वाला साल कई अहम फैसलों और बदलावों से भरा हो सकता है, जिसका असर देश और दुनिया दोनों पर दिख सकता है।
राजा और मंत्री का क्या रहेगा असर
इस बार नववर्ष गुरुवार से शुरू हो रहा है, इसलिए साल के राजा गुरु माने गए हैं। गुरु के प्रभाव से ज्ञान, धर्म और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं मंत्री मंगल होंगे, जो ऊर्जा और सख्ती के प्रतीक हैं। इससे संकेत मिलता है कि इस साल कई सख्त फैसले लिए जा सकते हैं और अनुशासन पर जोर रहेगा।
13 महीने का क्यों होगा यह साल
संवत 2083 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे। इस साल अधिक मास जुड़ रहा है, जिससे साल लंबा हो जाएगा। इस अतिरिक्त समय को धार्मिक कार्यों, दान और साधना के लिए बहुत शुभ माना जाता है और लोग इस दौरान पूजा-पाठ ज्यादा करते हैं।
प्राकृतिक और धार्मिक महत्व भी खास
यह समय प्रकृति के बदलाव का भी होता है। पेड़ों में नई पत्तियां आती हैं और फसलें तैयार होती हैं, जिससे एक नई शुरुआत का संकेत मिलता है। धार्मिक रूप से भी यह दिन बेहद खास होता है और देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है।
किसके लिए रहेगा शुभ साल
एक्सपर्ट के अनुसार इस साल कुछ राशियों के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। करियर में आगे बढ़ने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के मौके बन सकते हैं। कुल मिलाकर विक्रम संवत 2083 नई उम्मीदों, सकारात्मक बदलाव और तरक्की के संकेत लेकर आ रहा है।
