गर्मियों में तेज धूप, पसीना और कम पानी पीने से शरीर जल्दी थक जाता है। कई लोगों को पेट फूलना, गैस, एसिडिटी, कब्ज, उल्टी जैसा मन और खाना न पचने की दिक्कत होने लगती है। कई बार हालत ज्यादा बिगड़ने पर लोग डॉक्टर तक पहुंच जाते हैं। ऐसे मौसम में छाछ एक आसान घरेलू ड्रिंक हो सकती है। यह हल्की होती है, पेट पर भारी नहीं पड़ती और शरीर को ठंडक देने में मदद कर सकती है।
आंतों के लिए मददगार
छाछ में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो पेट के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। गर्मी में आंतों का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे पेट खराब रहने लगता है। छाछ का सेवन पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया पेट में अच्छे बैक्टीरिया को सहारा देते हैं। इससे खाना पचाने में आसानी हो सकती है और पेट की गड़बड़ी से कुछ राहत मिल सकती है।
एसिडिटी और जलन में राहत
खाने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकार और गले तक खट्टापन आना कई लोगों की परेशानी है। छाछ पेट के तेज एसिड को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद कर सकती है। ठंडी छाछ पीने से पेट को आराम महसूस हो सकता है। इसमें थोड़ा भुना जीरा, पुदीना या काला नमक मिलाकर पीने से स्वाद भी बढ़ता है। लेकिन बहुत ज्यादा मसाला या नमक डालकर छाछ पीना सही नहीं है।
पानी की कमी से बचाव
गर्मी में सिर्फ पानी पीना जरूरी है, लेकिन शरीर को नमक और दूसरे जरूरी तत्व भी चाहिए होते हैं। छाछ में पानी के साथ कैल्शियम, पोटेशियम और सोडियम जैसे तत्व मिलते हैं। ये शरीर में पानी की कमी से बचाने में मदद कर सकते हैं। धूप से आने के बाद या दोपहर के खाने के साथ एक गिलास छाछ पीना अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे थकान और भारीपन कम महसूस हो सकता है।
लिवर और सूजन पर असर
कुछ विशेषज्ञों के अनुसार छाछ पाचन तंत्र को बेहतर रखकर लिवर पर पड़ने वाला दबाव कम करने में मदद कर सकती है। गर्मी में पेट की अंदरूनी परत कमजोर होने से शरीर में सुस्ती और भारीपन बढ़ सकता है। छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों को सहारा दे सकते हैं। इससे पेट की हल्की सूजन और बेचैनी में राहत मिल सकती है। हालांकि फैटी लिवर या लिवर की बीमारी में सिर्फ छाछ पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
किन लोगों को सावधानी जरूरी
छाछ को किसी बीमारी का इलाज नहीं मानना चाहिए। तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, दस्त, खून आना, तेज बुखार या बहुत ज्यादा कमजोरी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जिन लोगों को दूध से एलर्जी है या लैक्टोज से परेशानी होती है, उन्हें छाछ पीने से दिक्कत हो सकती है। बिना ज्यादा चीनी और नमक वाली ताजी छाछ बेहतर रहती है। रोज एक गिलास छाछ गर्मियों में पेट और शरीर को राहत दे सकती है।
