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गाजियाबाद में कुत्ते से टकराई बुलेट, महिला दरोगा की मौत, पुलिस विभाग में शोक

गाजियाबाद में कुत्ते से टकराई बुलेट, महिला दरोगा की मौत, पुलिस विभाग में शोक

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रविवार देर रात एक दुखद सड़क हादसे में 26 वर्षीय महिला सब-इंस्पेक्टर रिचा सचान की मौत हो गई। रिचा कवि नगर थाने की शास्त्री नगर पुलिस चौकी पर तैनात थीं और 2023 बैच की अधिकारी थीं।

जानकारी के मुताबिक हादसा तब हुआ जब रिचा अपनी ड्यूटी खत्म कर रात करीब 1-2 बजे बुलेट (मोटरसाइकिल) से शास्त्री नगर स्थित अपने किराए के आवास पर लौट रही थीं। शास्त्री नगर के कार्टे चौक पर अचानक एक आवारा कुत्ता उनकी बुलेट के सामने आ गया। कुत्ते को बचाने की कोशिश में रिचा की बुलेट अनियंत्रित हो गई, और वह सड़क पर गिर पड़ीं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी।

रिचा को तुरंत कवि नगर के सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कवि नगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भाष्कर वर्मा ने बताया कि रिचा ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और कार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच चल रही है।

रिचा सचान मूल रूप से कानपुर की रहने वाली थीं और गाजियाबाद के शास्त्री नगर में महिंद्रा एन्क्लेव में किराए के मकान में अकेले रहती थीं। उन्होंने 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में अपनी नौकरी शुरू की थी और मेरठ में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। 26 साल की उम्र में रिचा ने कम समय में ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया, जिसकी वजह से पुलिस विभाग में उनकी पहचान एक समर्पित अधिकारी के रूप में थी।

रिचा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी का सपना एक आईएएस अधिकारी बनना था। कुछ दिन पहले ही उन्होंने रिचा से बात की थी, और वह पूरी तरह खुश और आत्मविश्वास से भरी थी। रिचा की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार में शोक की लहर है, और उनके पिता को अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है, और परिजन गाजियाबाद पहुंच चुके हैं।

रिचा की मृत्यु से गाजियाबाद पुलिस महकमा सदमे में है। कवि नगर थाने में रिचा के साथ काम करने वाले सहयोगियों और अधिकारियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। थाने में रिचा के अलावा दो अन्य महिला सब-इंस्पेक्टर भी तैनात हैं, और सभी रिचा की कार्यकुशलता की प्रशंसा करते थे। पुलिस विभाग ने उनके परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

यह हादसा गाजियाबाद में आवारा कुत्तों की समस्या को एक बार फिर सुर्खियों में लाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2025 को दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कुत्तों के काटने और रेबीज से होने वाली मौतों को गंभीर खतरा माना और 6-8 हफ्तों में इस आदेश को लागू करने के निर्देश दिए। हालांकि, इस फैसले का बड़े पैमाने पर विरोध भी हो रहा है। गाजियाबाद में पिछले कुछ वर्षों में कुत्तों से संबंधित कई हादसे सामने आए हैं, जिनमें लोगों को गंभीर चोटें आईं और कुछ मामलों में मौत भी हुई। जनवरी 2022 से जुलाई 2025 तक गाजियाबाद में कुत्तों के काटने की करीब 3 लाख 7 हजार घटनाएं दर्ज की गई हैं।

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