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व्हाइट हाउस पर बुलडोजर चला! ईस्ट विंग तोड़ा जाएगा, ट्रम्प का बनेगा बॉलरूम

व्हाइट हाउस पर बुलडोजर चला! ईस्ट विंग तोड़ा जाएगा, ट्रम्प का बनेगा बॉलरूम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही व्हाइट हाउस में एक बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। सोमवार को व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग के एक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया गया, जहां अब एक शानदार बॉलरूम का निर्माण होगा। यह 90,000 वर्ग फुट का विशाल हॉल 999 लोगों की क्षमता वाला होगा और इसकी अनुमानित लागत 250 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप का यह सपना 150 साल पुराना बताया जा रहा है, लेकिन इस पर विवाद भी खड़ा हो गया है। इतिहासकारों और पर्यावरणविदों का कहना है कि यह अमेरिकी सांस्कृतिक धरोहर पर हमला है।

ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह परियोजना व्हाइट हाउस को आधुनिक बनाने का प्रयास है। राष्ट्रपति ने जुलाई में इसकी घोषणा की थी और सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा, "150 साल से हर राष्ट्रपति का सपना था कि व्हाइट हाउस में एक ग्रैंड बॉलरूम हो, जहां स्टेट विजिट्स और पार्टियां हो सकें।" उन्होंने जोर देकर कहा कि ईस्ट विंग पूरी तरह से अलग है और निर्माण मौजूदा इमारत को छुएगा भी नहीं। लेकिन तस्वीरें कुछ और ही बयान दे रही हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक्सक्लूसिव फोटोज में दिख रहा है कि कवर एंट्रीवे को तोड़ दिया गया है, खिड़कियां टूट चुकी हैं और पूर्व कैलीग्राफी ऑफिस में एक बड़ा गड्ढा बन गया है।

ईस्ट विंग का इतिहास 1902 से जुड़ा है। यह पहली महिला के कार्यालयों का केंद्र रहा है और नीचे बम शेल्टर भी है। 1942 में इसमें दूसरी मंजिल जोड़ी गई थी। यह व्हाइट हाउस का वह हिस्सा है जो मुख्य इमारत से जुड़ा हुआ है। एनपीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बदलाव 1948 के ट्रूमैन बालकनी से भी बड़ा होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे व्हाइट हाउस के सबसे बड़े प्रशंसक हैं और यह परियोजना इमारत का पूरा सम्मान करेगी। लेकिन विशेषज्ञों का मत अलग है। नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन (एनसीपीसी) से मंजूरी नहीं ली गई, जो वाशिंगटन में सरकारी भवनों के निर्माण की निगरानी करता है। कमीशन के चेयरमैन विल शार्फ ने कहा कि उनका क्षेत्राधिकार केवल वर्टिकल बिल्ड पर है, लेकिन डेमोलिशन पर नहीं। फिर भी, प्रशासन ने बिना इंतजार के काम शुरू कर दिया।

फंडिंग का दावा भी विवादास्पद है। ट्रंप ने कहा कि यह प्रोजेक्ट "जीरो कॉस्ट टू अमेरिकन टैक्सपेयर" होगा। यह निजी दानदाताओं, अमेरिकी कंपनियों और खुद ट्रंप द्वारा फाइनेंस किया जा रहा है। 15 अक्टूबर को एक डोनर डिनर में उन्होंने अमीर बिजनेसमैन को संबोधित किया। व्हाइट हाउस ने वादा किया है कि दानदाताओं की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। बीबीसी की रिपोर्ट में एक दर्शक महिला ने कहा, "मुझे यह पसंद नहीं। देखिए वे क्या कर रहे हैं!" यह भावना सोशल मीडिया पर भी दिख रही है, जहां #SaveWhiteHouse ट्रेंड कर रहा है।

पर्यावरणीय प्रभाव पर चिंता है। सितंबर में साउथ ग्राउंड्स पर पेड़ काटे गए, जो इको-सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। इतिहासकारों का कहना है कि ईस्ट विंग अमेरिकी महिलाओं की राजनीतिक भूमिका का प्रतीक है, जहां जैकलीन कैनेडी और मिशेल ओबामा जैसे नाम जुड़े हैं। डेमोक्रेट्स ने इसे "ट्रंप का व्यक्तिगत महल" कहा है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के एक ट्वीट में लिखा, "व्हाइट हाउस इतिहास का घर है, न कि किसी के स्वार्थ का।" लेकिन ट्रंप समर्थक इसे प्रोग्रेस कह रहे हैं। एक रिपब्लिकन सीनेटर ने कहा, "यह अमेरिका को ग्रैंड बनाएगा।

निर्माण का समयसीम 2029 तक पूरा होना है, ट्रंप के कार्यकाल के अंत से पहले। ऑफिस अस्थायी रूप से शिफ्ट हो जाएंगे। व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने जुलाई में कहा था, "कुछ भी तोड़ा नहीं जाएगा, सिर्फ मॉडर्नाइजेशन होगा।" लेकिन अब तोड़फोड़ साफ दिख रही है।

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