86 गैलेंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा, पाकिस्तान मे तबाही मचाने वाले 9 फाइटर-पायलट्स वीर चक्र से होंगे सम्मानित
भारत सरकार ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण वीरता और साहस का प्रदर्शन करने वाले सशस्त्र बलों के अधिकारियों और जवानों के लिए 86 गैलेंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा की है। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इनमें से नौ भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के फाइटर पायलट्स को वीर चक्र से सम्मानित किया गया है,
भारतीय वायुसेना के नौ अधिकारियों को उनके असाधारण साहस और ऑपरेशन सिंदूर में मुरिदके और बहावलपुर में आतंकी ठिकानों और पाकिस्तानी सैन्य संपत्तियों पर सटीक हमलों के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। आपको बता दें वीर चक्र जो युद्धकाल में दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च वीरता पदक है।
ये है वीर चक्र विजेता
- ग्रुप कैप्टन: रणजीत सिंह सिद्धू, मनीष अरोड़ा, अनिमेश पटनी, कुनाल कालरा
- विंग कमांडर: जॉय चंद्रा
- स्क्वाड्रन लीडर: सरथक कुमार, सिद्धांत सिंह, रिजवान मलिक
- फ्लाइट लेफ्टिनेंट: आरश्वीर सिंह ठाकुर
अन्य गैलेंट्री अवॉर्ड्स
वीर चक्र के अलावा, ऑपरेशन सिंदूर में योगदान देने वाले अन्य सशस्त्र बलों के कर्मियों को भी सम्मानित किया गया है: आपको बता दें सात अधिकारियों को, जिनमें चार वायुसेना से हैं, इस उच्चतम युद्धकालीन विशिष्ट सेवा सम्मान से नवाजा गया। यह पहली बार है जब वायुसेना के अधिकारियों को यह मेडल इतनी संख्या में दिया गया है।
- लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा (उत्तरी कमान)
- लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (डीजी सैन्य संचालन)
- वाइस एडमिरल संजय जसजीत सिंह (सेवानिवृत्त, पश्चिमी नौसेना कमान)
- एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी (वायुसेना उप-प्रमुख)
- एयर मार्शल नागेश कपूर (दक्षिणी वायु कमान)
- एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (पश्चिमी वायु कमान)
- एयर मार्शल एके भारती (डीजीएओ)
रिपोर्ट के मुताबिक 13 वायुसेना अधिकारियों को, जिनमें एयर वाइस मार्शल जोसेफ सुआरेज, एयर वाइस मार्शल प्रजुअल सिंह, और एयर कमोडोर अशोक राज ठाकुर शामिल हैं, आक्रामक संचालन और भारतीय हवाई क्षेत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। 26 वायुसेना अधिकारियों और वायुसैनिकों को, जिनमें पाकिस्तान में लक्ष्यों पर हमला करने वाले फाइटर पायलट्स और एस-400 व अन्य वायु रक्षा प्रणालियों को संचालित करने वाले कर्मी शामिल हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के हमलों को नाकाम किया। 16 बीएसएफ कर्मियों को उनके असाधारण साहस के लिए गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया। इनमें से कुछ ने दुश्मन के ड्रोन हमलों को निष्क्रिय किया, जबकि अन्य ने निगरानी कैमरों को नष्ट किया। विशेष रूप से, सब-इंस्पेक्टर व्यास देव और कॉन्स्टेबल सुद्दी राभा को जोखिम भरे मिशन के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें उन्होंने गंभीर चोटों के बावजूद गोला-बारूद की आपूर्ति सुनिश्चित की।
स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान
ये गैलेंट्री अवॉर्ड्स 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के खास अवसर पर प्रदान किए जाएंगे। बता दें यह सम्मान न केवल सशस्त्र बलों के साहस और समर्पण को दर्शाता है।
दरअसल ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान मे भारी तबाही की मुख्य वजह 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमला था, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तानी आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया और जवाबी कार्रवाई के रूप में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। पाकिस्तान ने 8-9 मई की रात को 50 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों के साथ जवाबी हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को विफल कर दिया। इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने मुरिदके और बहावलपुर में आतंकी संगठनों के मुख्यालयों सहित 9 आतंकी ठिकानों और 11 पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों, जिनमें नूर खान, रफीकी, मुरिद, सुक्कुर, और शाहबाज शामिल थे, इन हमलों में ब्रह्मोस मिसाइलों का उपयोग किया गया, जिससे रनवे, हैंगर, और ड्रोन जैसे उपकरण नष्ट हुए। ऑपरेशन ने पाकिस्तान की सैन्य और आतंकी क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया और भारत की सामरिक श्रेष्ठता का प्रदर्शन किया। इतनी ही नही भारतीय सेना ने 100 से अधिक आतंकवादी छह पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भी मार गिराया था।



