महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए भोंदू बाबा अशोक खरात मामले ने राज्य की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं रूपाली चाकणकर को बड़ा झटका लगा है और उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा है। इस मामले में उन पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि उनका नाम अशोक खरात की संस्था से जुड़ा बताया जा रहा है। अब विपक्ष की ओर से मांग उठ रही है कि इस मामले में उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़े तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाए।
इस्तीफे के पीछे क्या वजह बताई गई
रूपाली चाकणकर ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वह चाहती हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका परिवार अशोक खरात को एक गुरु मानता था और वे उनके कार्यक्रमों में शामिल होते थे, लेकिन उन्हें उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की कोई जानकारी नहीं थी। इस्तीफे से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की थी। हालांकि उनके इस्तीफे के बाद अब उनकी पार्टी में भी उनकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कौन हैं रूपाली चाकणकर
रूपाली चाकणकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक सक्रिय चेहरा रही हैं। उनका जन्म पुणे में हुआ और उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वह सामाजिक कार्यों से जुड़ी थीं और महिलाओं के लिए काम करती थीं। वह महिला आयोग की अध्यक्ष होने के साथ-साथ एनसीपी के महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी थीं। 2019 के बाद से उन्होंने राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बनाई और पार्टी की अहम नेता बनकर उभरीं। उनके परिवार का सीधा राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं था, लेकिन ससुराल पक्ष से उन्हें राजनीति में आने का रास्ता मिला।
राजनीति में आगे क्या होगा असर
इस पूरे मामले का असर अब उनकी राजनीतिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। विपक्ष लगातार उन पर सवाल उठा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। अगर जांच में उनका नाम सामने आता है, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं पार्टी के अंदर भी उनके भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे तय करेंगे कि इस पूरे विवाद का क्या असर राजनीति और संबंधित लोगों पर पड़ता है।
