भरत तिवारी केस में खेसारी लाल यादव की एंट्री, मां के आंसुओं के बीच न्याय की लड़ाई लड़ने का आह्वान, क्या दिखेगा असर ?
भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के बाद दुख और गुस्से का माहौल है। इसी बीच भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव परिवार से मिलने पहुंचे। उनके पहुंचते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। लेकिन भीड़ और कैमरों के बीच भरत की मां का दर्द सबसे अलग था। उनके लिए सवाल सिर्फ इतना है कि उनका बेटा आखिर वापस क्यों नहीं आया। खेसारी ने मां से मिलकर ढांढस बंधाया और न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया।
पुलिस कार्रवाई पर क्यों उठ रहे सवाल
भरत तिवारी केस में पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस की तरफ से इसे मुठभेड़ जैसी स्थिति से जोड़ा गया है। वहीं परिवार और गांव के लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिजनों का आरोप है कि भरत के साथ गलत हुआ। यही वजह है कि यह मामला अब सिर्फ एक घटना नहीं रहा बल्कि बिहार की राजनीति और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस केस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
मां से मिलकर खेसारी ने क्या कहा
खेसारी लाल यादव ने भरत की मां से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई पर सवाल हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। खेसारी ने परिवार को हिम्मत देते हुए कहा कि दुख के साथ-साथ अपनी बात मजबूती से सामने रखना भी जरूरी है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि इस मां को भरत वापस नहीं मिल सकता। यह बात सुनकर वहां मौजूद कई लोग भावुक हो गए। लेकिन खेसारी ने परिवार को यह भरोसा भी दिया कि उनकी आवाज अकेली नहीं रहेगी।
पटना जाकर आवाज उठाने की सलाह
खेसारी ने परिजनों से कहा कि न्याय की मांग को सिर्फ गांव या थाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने परिवार को पटना जाकर अपनी बात रखने की सलाह दी। उनका कहना था कि राजधानी तक आवाज पहुंचेगी तो मामले पर दबाव बढ़ेगा और जांच की मांग मजबूत होगी। खेसारी ने यह भी कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को अपने अधिकारों के लिए आगे आना पड़ता है। अगर परिवार अपनी बात खुलकर रखेगा तो समाज के लोग भी उनके साथ खड़े होंगे।
नेताओं और सितारों की बढ़ी सक्रियता
इस मामले में खेसारी की एंट्री के बाद हलचल और तेज हो गई है। इससे पहले पवन सिंह ने भी घटना पर दुख जताया था और परिवार से मिलने की बात कही थी। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने जांच की जरूरत बताई है। अब भरत तिवारी केस में हर बयान और हर मुलाकात को लोग ध्यान से देख रहे हैं। सवाल है कि क्या यह दबाव निष्पक्ष जांच की राह आसान करेगा।
जांच से तय होगा न्याय का रास्ता
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या परिवार पटना जाकर अपनी मांग रखेगा और क्या जांच की प्रक्रिया तेज होगी। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालों का साफ जवाब मिलना जरूरी है। अगर किसी स्तर पर लापरवाही या गलत कार्रवाई हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। बिलौटी गांव में खेसारी लाल यादव की मौजूदगी ने भरत की मां को यह भरोसा जरूर दिया है कि उनका दर्द अकेला नहीं है। लेकिन असली न्याय तभी होगा जब जांच पूरी हो और कानून के आधार पर सच सामने आए।
