अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे की जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है. बताया जा रहा है कि विमान हादसे के दूसरे दिन बरामद हुआ एअर इंडिया विमान का ब्लैक बॉक्स को काफी नुकसान पहुचा है। माना जा रहा है कि जल्द ही हादसे की वजहों का पता लगा लिया जाएगा। लेकिन नही हो पाया है।
एअर इंडिया विमान में आग लगने के बाद ब्लैक बॉक्स इतना डैमेज हो चुका है कि उससे डेटा रिकवर करना मुश्किल है। इसलिए उसे जांच के लिए अमेरिका भेजने का फैसला लिया गया है। अमेरिकी प्रयोगशाला में डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) से डेटा निकाला जाएगा और इसे भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के साथ साझा किया जाएगा। जांच में यह पता लगाया जाना है कि हादसा कैसे हुआ और इसकी पीछे क्या वजह थी।
बता दें विमानों में दो ब्लैक बॉक्स होते हैं। इनमें से एक में कॉकपिट में पायलट और को-पायलट के बीच होने वाली बातचीत रेकॉर्ड होती है तो दूसरे में फ्लाइट के दौरान का डेटा। इन्हें रिकवर करने से पता चल सकता है कि हादसे के ठीक पहले ऐसी क्या स्थिति बनी कि अब तक कभी क्रैश ना होने वाला बोइंग का ड्रीमलाइनर जहाज उड़ान भरते ही नीचे आ गिरा। ब्लैक बॉक्स इस तरह बनाए जाते हैं कि ये बेहद गर्म तापमान और प्रेशर को भी झेल सकते हैं।
क्या होता है CVR- FDR
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, जिसे संक्षेप में CVR कहा जाता है, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस (Audio recording device) होता है। यह विमान के कॉकपिट में मौजूद पायलटों, को-पायलट, क्रू सदस्यों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच हुई बातचीत को रिकॉर्ड करता है। इसके अलावा इंजन की आवाजें, चेतावनी सिग्नल, अलार्म आदि भी इसमें दर्ज होते हैं। यह रिकॉर्डिंग आमतौर पर 2 घंटे तक की होती है। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) वह डिवाइस है जो विमान की उड़ान से जुड़ी तकनीकी जानकारी को रिकॉर्ड करता है। इसमें सैकड़ों मापदंड शामिल होते हैं, जैसे विमान की ऊंचाई और गति, एयरस्पीड और वर्टिकल स्पीड, इंजन का तापमान और दबाव, दिशा, संतुलन और नियंत्रण प्रणाली की स्थिति।



