लखनऊ, न्यूज प्लस। चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा और गोपाल राव क्या जेल जाएंगे..यह सुगबुगाहट अब शुरू हो गई है। एसआईटी की हाल की दो दिन की जांच, एक आरोपी अविनाश शुक्ला को रिमांड में लेकर पूछताछ और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे बजरंगदल नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार का ताजा बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं।
राममंदिर चढ़ावा चोरी का ठीकरा किस पर फूटेगा अब इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। चढ़ावा चोरी से केवल प्रदेश सरकार ही नहीं पूरी भाजपा और केंद्र तक को डेंट लग लगा है। दरअसल राम मंदिर न्यास का गठन केंद्र सरकार ने किया है जिसमें पीएम मोदी की भी अहम भूमिका रही है। कई संतों ने पूरा न्यास भंग कर इसके नए सिरे से गठन की मांग उठायी है, पूरा न्यास भंग होता है तो आम जनता के बीच अविश्वास का संदेश जा रहा है। शायद इसीलिए चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों से इसका पटाक्षेप करने की कोशिश की गई, लेकिन मुद्दा बढ़ता गया। सीएम योगी ने इसे काफी हद तक संभालने की कोशिश की फिर भी अपना डेंट मिटाने के लिए केंद्र प्रदेश पर ठीकरा फोड़ सकता था लेकिन इससे भी भाजपा का ही नुकसान होगा। शायद इसीलिए अब बीच का रास्ता निकाला जा रहा है, लोगों का विश्वास वापस पाने के लिए चंपत राय जैसे लोगों की बलि चढ़ाई जा सकती है।
संघ में मजबूत पकड़ रखने वाले चंपत राय बंसल पर तमाम आरोपों के बावजूद अभी तक आरएसएस इस मामले में चुप था। शुक्रवार को संघ की तरफ से इस मामले में पहला रिएक्शन आया। संघ के सह कार्यवाहक, दत्तात्रेय होसबोले साने आए और बोले राम मंदिर में चढ़ावा दुर्भाग्यपूर्ण। उन्होंने कहाकि इससे श्रद्धा को बड़ा आघात लगा है, इससे हम सब आहत हैं। उन्होंने एसआईटी जांच का स्वागत किया और कहाकि दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए। दोषियों को दंड का उनका इशारा यह भी है कि जांच में कोई बड़ी भी दोषी मिले तो उसे बक्सा न जाए, यानि चंपत पर कार्रवाई के लिए भी एक तरह से क्लीन चिट है। इसके अलावा उन्होंने राजनीति की तरफ भी इशारा किया, हिन्दुओं से उन्होंने अपील की कि वह संयम बरतें, ताकि सनातन विरोधी अपनी साजिश में सफल न हो पाएं। उन्होंने कहाकि हिन्दू विरोधी और राष्ट्रविरोधी शक्तियों की इसके लाभ लेने की कोशिश को हिन्दू विफल करें।
दूसरी तरफ विनय कटियार ने अपने बयान में कहाकि अनिल मिश्रा और गोपाल राव ही नहीं चंपत राय भी जेल जाएंगे। उनके इस बयान को इसलिए भी अहम माना जा रहा है कि एसआईटी दो दिनों से चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ कर रही है। उधर सबसे अहम आरोपी अविनाश शुक्ला ने भी रिमांड के दौरान पुलिस को अहम जानकारियां दी हैं, अविनाश शुक्ला अनिल मिश्रा का खास है। इससे अब यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या बड़ी मछलियों को जेल भेज कर सरकार अपना डेंट साफ कर सकती है।
