logo

BREAKING NEWS
AAP में सबसे बड़ा सियासी भूकंप, कैसे 7 सांसदों को लाकर मोदी-शाह को राघव चड्ढा ने किया खुश, पढ़ें

AAP में सबसे बड़ा सियासी भूकंप, कैसे 7 सांसदों को लाकर मोदी-शाह को राघव चड्ढा ने किया खुश, पढ़ें

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी अब अपने सबसे बड़े सियासी संकट से गुजर रही है। शुक्रवार को राज्यसभा के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इस बड़े कदम में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे नाम शामिल रहे, जिससे सियासी माहौल गरमा गया।

2/3 फॉर्मूले से बचाया दांव
राघव चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा के 10 में से 7 सांसद उनके साथ हैं, जिससे दल-बदल विरोधी कानून से बचने का रास्ता निकल गया। इसमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी जैसे सांसदों के नाम भी सामने आए। संसदीय नियमों के तहत 2/3 बहुमत के साथ किया गया यह कदम ‘विलय’ माना जाएगा, जिससे उनकी सदस्यता पर खतरा नहीं रहेगा।

भावुक बयान और सख्त तेवर
बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि वे राजनीति में करियर बनाने नहीं बल्कि व्यवस्था बदलने आए थे, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। वहीं संदीप पाठक ने भी साफ कहा कि जब अपनी ही पार्टी में ईमानदार राजनीति की जगह कम हो जाए, तो नए विकल्प तलाशने पड़ते हैं।

सदन में बदला समीकरण
इन सात सांसदों के शामिल होने से राज्यसभा में एनडीए की ताकत 141 से बढ़कर 148 हो गई है। इससे सत्ता पक्ष की स्थिति और मजबूत हो गई है। अब एनडीए दो-तिहाई बहुमत से सिर्फ 18 सांसद दूर रह गया है, जो आने वाले समय में बड़े विधायी फैसलों को आसान बना सकता है।

पंजाब की राजनीति पर असर
इस पूरे घटनाक्रम को पंजाब की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी लंबे समय से राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही थी। ऐसे में AAP के बड़े चेहरों का पार्टी छोड़ना आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है।

नई रणनीति और बड़ा संदेश
बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यकाल में यह पहला बड़ा सियासी कदम माना जा रहा है। पार्टी इसे अपनी रणनीतिक जीत के तौर पर देख रही है, जबकि विपक्ष के लिए यह बड़ा झटका है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में समीकरण पलटते देर नहीं लगती और हर कदम के पीछे बड़ी रणनीति छिपी होती है।

Leave Your Comment