भारत के मोस्ट वांटेड ड्रग्स माफिया जसविंदर उर्फ जैज को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई इंटरपोल ने भारतीय एजेंसियों के इनपुट के आधार पर की है। जैज लंबे समय से फरार था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स नेटवर्क चला रहा था। उसकी गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद शिकंजा
जसविंदर के खिलाफ पहले ही एनसीबी ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसी के चलते इंटरपोल सक्रिय हुआ और आखिरकार उसे पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि उसे एयरपोर्ट के पास हिरासत में लिया गया, जब वह कहीं जाने की तैयारी में था। अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
बड़े नेटवर्क का मास्टरमाइंड
जैज को भारत के बड़े ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड माना जाता है। वह लंबे समय से विदेश में बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां लगातार उसकी तलाश में थीं, लेकिन हर बार वह बच निकलता था। उसकी गिरफ्तारी से अब पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
खुफिया एजेंसी से जुड़े होने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, जसविंदर के विदेशी खुफिया एजेंसी से जुड़े होने की भी चर्चा है। हालांकि इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि वह किन-किन नेटवर्क से जुड़ा था।
ब्रिटिश नागरिकता और दुबई कनेक्शन
जैज मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है, लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता भी है। वह पिछले कुछ समय से दुबई में रह रहा था और वहीं से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे तीन दिन की हिरासत में रखा गया है, जिसके दौरान उसे भारत लाने की तैयारी हो रही है।
पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज
सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि जसविंदर से पूछताछ में ड्रग्स तस्करी से जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। यह गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे संभव हैं।
