बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी के बीच राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है। 10 सितंबर को जारी आदेश के तहत छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है। यह कदम चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप माना जा रहा है, जिसने 6 अक्टूबर तक सभी चुनाव-संबंधित अधिकारियों के तबादले पूरे करने का आदेश दिया था।
बिहार में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा किसी भी समय हो सकती है, और इसी बीच यह तबादला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया था कि चुनाव से जुड़े विभागों के अधिकारियों को कम से कम तीन वर्ष पुराने पदों से हटाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण स्थिति से बचा जा सके। इस फेरबदल में कई अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो राज्य की विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
तबादले की पूरी सूची
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निम्नलिखित छह आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। यह सूची उनके बैच वर्ष, पूर्व पद और नए पद की जानकारी के साथ है:
| क्रमांक | अधिकारी का नाम | बैच वर्ष | पूर्व पद | नया पद |
|---|---|---|---|---|
| 1 | नर्मदेश्वर लाल | 1998 | अपर सचिव, लघु जल संसाधन विभाग (अन्वेषण आयुक्त, जीएडी का अतिरिक्त प्रभार) | प्रधान सचिव, गन्ना उद्योग विभाग (अन्वेषण आयुक्त, जीएडी का अतिरिक्त प्रभार) |
| 2 | बी. कार्तिकेय धनजी | 2008 | सचिव, गन्ना उद्योग विभाग (अन्वेषण आयुक्त, जीएडी का अतिरिक्त प्रभार) | सचिव, लघु जल संसाधन विभाग (अन्वेषण आयुक्त, जीएडी और उद्योग विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार) |
| 3 | चिरिंग वाई. भूटिया | 2003 | पद की प्रतीक्षा में | अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग |
| 4 | यशपाल मीणा | 2014 | अपर सचिव, जल संसाधन विभाग (हथकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार) | अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग |
| 5 | राजनिष्ठ कुमार सिंह | 2014 | पंजीयन महानिरीक्षक-सह-उत्पाद शुल्क आयुक्त, निषेध, उत्पाद शुल्क एवं पंजीयन विभाग (बिहार विकास मिशन के अपर निदेशक का अतिरिक्त प्रभार) | सहकारिता सोसाइटियों के रजिस्ट्रार (बिहार विकास मिशन के अपर निदेशक का अतिरिक्त प्रभार) |
| 6 | अंशुल अग्रवाल | 2016 | सहकारिता सोसाइटियों के रजिस्ट्रार | पंजीयन महानिरीक्षक-सह-उत्पाद शुल्क आयुक्त, निषेध, उत्पाद शुल्क एवं पंजीयन विभाग |
यह फेरबदल स्वास्थ्य, उद्योग, जल संसाधन और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। उदाहरण के लिए, 1998 बैच के नर्मदेश्वर लाल को गन्ना उद्योग विभाग में प्रधान सचिव बनाया जाना किसानों के हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग में दो नए अपर सचिवों की नियुक्ति चुनाव के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती का संकेत देती है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए चुनाव आयोग ने 470 पर्यवेक्षकों की तैनाती की योजना बनाई है, जिसमें 320 आईएएस और 60 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। यह तबादला इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है, जहां राज्य सरकार ने पुलिस और सिविल अधिकारियों के रोटेशन पर जोर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रशासनिक मशीनरी बिना किसी पूर्वाग्रह के काम करे। हालांकि, विपक्षी दल इसे 'चुनावी स्टंट' करार दे रहे हैं।
इसके अलावा, हाल ही में चार अन्य आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी के तबादले भी हो चुके हैं, जो कुल मिलाकर चुनाव पूर्व प्रशासनिक सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा हैं। राज्य के विकास आयुक्त और अन्य वरिष्ठ पदों पर भी हाल में फेरबदल देखा गया है, जो नीतीश सरकार की 'सुगम प्रशासन' नीति को दर्शाता है।
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार में 243 विधानसभा सीटों पर मतदान नवंबर-दिसंबर में संभावित है, और इन तबादलों से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। अधिक जानकारी के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या चुनाव आयोग के पोर्टल पर नजर रखें।



