भारत सरकार ने चीनी शॉर्ट-वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर लगे प्रतिबंध को हटाने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना और प्रसारण, और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि टिकटॉक की भारत में वापसी को लेकर कोई योजना विचाराधीन नहीं है। यह बयान उन अटकलों को खारिज करता है, जिनमें कहा जा रहा था कि टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस भारत में पुन: प्रवेश की तैयारी कर रही है।
टिकटॉक को भारत में जून 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के मुद्दों को लेकर 59 अन्य चीनी ऐप्स के साथ प्रतिबंधित किया गया था। यह निर्णय भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में सैन्य तनाव के बाद लिया गया था। सरकार ने कहा था कि ये ऐप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा, और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं। जनवरी 2021 में इस प्रतिबंध को स्थायी कर दिया गया, और ऐप्पल व गूगल ने अपने ऐप स्टोर्स से टिकटॉक को हटा दिया।
हाल ही में, अगस्त 2025 में टिकटॉक की वेबसाइट कुछ ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क्स, जैसे एयरटेल और वोडाफोन, पर भारत में संक्षिप्त रूप से उपलब्ध हो गई थी। इस तकनीकी गड़बड़ी ने सोशल मीडिया पर चर्चा को जन्म दिया कि टिकटॉक की वापसी हो सकती है। हालांकि, सरकार ने इस पर स्पष्टता देते हुए कहा कि यह केवल एक अस्थायी तकनीकी त्रुटि थी।
अश्विनी वैष्णव का बयान
मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में, मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "टिकटॉक पर प्रतिबंध हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस मुद्दे पर सरकार के भीतर कोई चर्चा भी नहीं हुई है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि बाइटडांस द्वारा भारत में दोबारा प्रवेश की अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है। वैष्णव ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए कहा कि सरकार का रुख इस मामले में स्पष्ट और दृढ़ है।
पिछले महीने टिकटॉक की वेबसाइट के कुछ नेटवर्क्स पर अचानक उपलब्ध होने से कई यूजर्स ने सोचा कि प्रतिबंध में ढील दी जा सकती है। सोशल मीडिया पर इस घटना ने टिकटॉक की वापसी की उम्मीदें जगाईं। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 23 अगस्त 2025 को स्पष्ट किया कि टिकटॉक पर प्रतिबंध हटाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, और ऐसी खबरें "झूठी और भ्रामक" हैं।
भारत में टिकटॉक का इतिहास
टिकटॉक ने भारत में 2017 में प्रवेश किया था और जल्द ही यह देश में सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक बन गया था। 2020 में प्रतिबंध से पहले, इसके भारत में करीब 20 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता थे। 2019 में, मद्रास हाई कोर्ट ने अश्लील सामग्री के आधार पर टिकटॉक पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था, जिसे बाद में बाइटडांस द्वारा 60 लाख से अधिक आपत्तिजनक वीडियो हटाने के बाद हटा लिया गया था। लेकिन 2020 का स्थायी प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर था, जिसके बाद टिकटॉक भारत में पूरी तरह बंद हो गया।
टिकटॉक पर प्रतिबंध का मुद्दा केवल भारत तक सीमित नहीं है। संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, और कई यूरोपीय देशों ने भी बाइटडांस के स्वामित्व और डेटा गोपनीयता को लेकर चिंताएं जताई हैं। अमेरिका में, टिकटॉक को जनवरी 2025 में प्रतिबंध का सामना करना पड़ा, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे कई बार स्थगित किया है। भारत में, हालांकि, सरकार का रुख सख्त बना हुआ है।



