देश की टॉप-10 कंपनियों मे से छह कंपनियों के मार्केट कैप में कुल मिलाकर ₹1,36,151.24 करोड़ की कमी आई। इस गिरावट में सबसे बड़ा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ, जबकि कुछ कंपनियों ने इस दौरान लाभ भी दर्ज किया।

बता दें पिछले सप्ताह के कारोबार में, बीएसई सेंसेक्स 742.12 अंक (0.92%) और एनएसई निफ्टी 202.05 अंक (0.82%) नीचे बंद हुआ। इस गिरावट का असर टॉप-10 कंपनियों में से छह पर दिखा, इस गिरावट में सबसे बड़ा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ, जबकि कुछ कंपनियों जैसे भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और बजाज फाइनेंस ने इस दौरान लाभ कमाया।
शेयर बाजार में गिरावट का माहौल
पिछले सप्ताह BSE सेंसेक्स 742.12 अंक (0.92%) और एनएसई (NSE) निफ्टी 202.05 अंक (0.82%) नीचे बंद हुआ। यह लगातार छठा सप्ताह था जब शेयर बाजार में कमजोरी देखी गई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक व्यापार समझौतों को लेकर अनिश्चितता और कुछ प्रमुख कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। इस माहौल में टॉप-10 कंपनियों में से छह के मार्केट कैप में भारी गिरावट आई, जिसने निवेशकों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया।
किन कंपनियों को हुआ नुकसान?
मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1,36,151.24 करोड़ रुपये की कमी आई है
- मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) सबसे बड़ा ज्यादा नुकसान।
- एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)
- आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)
- इंफोसिस (Infosys)
- भारती एयरटेल (Bharti Airtel)
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever)
किन कंपनियों को हुआ फायदा?
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC)
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance)
टॉप-10 कंपनियों की रैंकिंग
बाजार पूंजीकरण के आधार पर टॉप-10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी रही, भले ही उसे सबसे अधिक नुकसान हुआ। इसके बाद निम्नलिखित क्रम रहा:
- रिलायंस इंडस्ट्रीज
- एचडीएफसी बैंक
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)
- भारती एयरटेल
- आईसीआईसीआई बैंक
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- इंफोसिस
- हिंदुस्तान यूनिलीवर
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC)
- बजाज फाइनेंस
विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर अभी जारी रह सकता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और क्रूड ऑयल की कीमतों में बदलाव जैसे कारक बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सतर्क रहें और अपने निवेश निर्णयों को सावधानीपूर्वक लें। विशेष रूप से, बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में स्थिरता की संभावना है, जबकि एफएमसीजी और टेलीकॉम सेक्टर में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।



