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मिशन 2027 से पहले बीजेपी की नई टीम, पंकज चौधरी ने PDA के सामने बिछाया बड़ा जातीय दांव

मिशन 2027 से पहले बीजेपी की नई टीम, पंकज चौधरी ने PDA के सामने बिछाया बड़ा जातीय दांव

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपनी नई संगठनात्मक टीम घोषित कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की इस टीम में 8 महामंत्री, 19 उपाध्यक्ष और 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं। यह केवल पदों की सूची नहीं है बल्कि चुनावी जमीन मजबूत करने की तैयारी भी है। पार्टी ने पिछड़ा, दलित, सवर्ण, महिला, युवा और अलग अलग क्षेत्रीय समाजों को प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है। सपा के PDA यानी पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक वाले राजनीतिक दावे के सामने बीजेपी ने अपनी सोशल इंजीनियरिंग को और चौड़ा करने की कोशिश की है।

महामंत्रियों में दिखा बड़ा संतुलन

नई टीम में रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को महामंत्री बनाया गया है। इन नामों में ठाकुर, शाक्य, ब्राह्मण, रावत, लोधी, कुर्मी और अन्य सामाजिक समूहों की मौजूदगी दिखाई देती है। बीजेपी का लक्ष्य साफ है कि संगठन के फैसले लेने वाले पदों पर हर बड़े वोट बैंक की भागीदारी रहे। इससे पार्टी बूथ स्तर तक यह संदेश देना चाहती है कि 2027 की लड़ाई में हर जाति और हर इलाके के कार्यकर्ता को साथ लेकर चला जाएगा।

क्षेत्रीय अध्यक्षों से छह जोन पर फोकस

बीजेपी ने पश्चिम में नवाब सिंह नागर, ब्रज में पूरन सिंह लोधी, कानपुर में रामकिशोर साहू, अवध में अवधेश द्विवेदी, काशी में अशोक चौरसिया और गोरखपुर में विनोद राय को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया है। पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक अलग अलग सामाजिक समीकरण हैं। कानपुर में साहू समाज का चेहरा हो या ब्रज में लोधी नेतृत्व या काशी में चौरसिया समाज की भागीदारी पार्टी ने हर क्षेत्र की राजनीतिक जरूरत को ध्यान में रखा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष चुनावी तैयारी और संगठन के बीच सबसे अहम कड़ी माने जाते हैं।

उपाध्यक्षों की सूची में कई संदेश

उपाध्यक्षों की सूची में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव और कृष्ण बिहारी राय जैसे नाम शामिल हैं। यहां जाट, सैनी, गुर्जर, कोरी, दलित, शाक्य, महिला, यादव और सवर्ण वर्गों तक पहुंच बनाने का प्रयास दिखता है। खास तौर पर पूजा पाल को जगह देकर बीजेपी ने विपक्षी खेमे से आए चेहरों को भी संगठन में जिम्मेदारी देने का संदेश दिया है।

मोर्चों में युवा महिला और पिछड़े वर्ग

युवा मोर्चा की जिम्मेदारी रोहित मिश्रा को दी गई है जबकि पिछड़ा मोर्चा की कमान प्रकाश पाल के हाथ में है। किसान मोर्चा के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष अशोक रावत, महिला मोर्चा की अध्यक्ष सरोज कुशवाह और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विद्याभूषण गोंड बनाए गए हैं। यह सूची बताती है कि बीजेपी सिर्फ जातीय समीकरण नहीं बल्कि युवा रोजगार किसान महिला और सामाजिक प्रतिनिधित्व वाले मुद्दों पर भी संगठन खड़ा करना चाहती है।

2027 में किसका समीकरण चलेगा

सपा PDA के जरिए पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को जोड़ने में जुटी है। दूसरी तरफ बीजेपी गैर यादव OBC दलित महिला लाभार्थी सवर्ण और छोटे जातीय समूहों को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। नई टीम में नामों का संतुलन यही संकेत देता है कि पार्टी ने चुनावी मुकाबले से पहले अपना सामाजिक गणित तैयार करना शुरू कर दिया है। अब असली परीक्षा बूथ पर होगी क्योंकि 2027 में टिकट संगठन स्थानीय चेहरे और जातीय पकड़ ही तय करेगी कि किसका समीकरण जनता को ज्यादा पसंद आता है।

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