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शिवसेना UBT में बढ़ा सियासी संकट, बागी सांसदों पर एक्शन की तैयारी, उद्धव खेमे ने जारी किया सख्त व्हिप

शिवसेना UBT में बढ़ा सियासी संकट, बागी सांसदों पर एक्शन की तैयारी, उद्धव खेमे ने जारी किया सख्त व्हिप

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के बागी रुख की खबरों के बीच पार्टी नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है। स्थिति को संभालने और सांसदों की वफादारी परखने के लिए पार्टी ने सभी सांसदों की आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक के बाद साफ हो सकेगा कि कितने सांसद पार्टी के साथ हैं और कितने अलग रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं।

सांसदों को जारी हुआ व्हिप

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत और लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का पक्ष रखा। संजय राउत ने बताया कि सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है। यह बैठक दिल्ली स्थित पार्टी के पार्लियामेंट ऑफिस में सुबह 11 बजे बुलाई गई है। पार्टी ने सभी सांसदों की मौजूदगी को अनिवार्य बताया है।

बैठक से दूरी पर सख्त कार्रवाई

पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि बैठक में शामिल न होने वाले सांसदों पर कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, यदि छह सांसद बैठक में नहीं पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ अपात्रता की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार किया जाएगा। पार्टी इस बैठक को अपनी ताकत दिखाने और बागी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बेहद अहम मान रही है।

महायुति पर लगाए गंभीर आरोप

संजय राउत ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए महायुति गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को प्रभावित करने और पार्टी से दूर करने की कोशिश की जा रही है। राउत ने कहा कि सांसदों को "हाईजैक" किया जा रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया।

बालासाहेब ठाकरे का लिया नाम

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने कहा कि कुछ लोग शिवसेना को तोड़ने का सपना देख रहे हैं, लेकिन वे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को नहीं तोड़ सकते। उन्होंने कहा कि जहां बालासाहेब ठाकरे के विचार हैं, वहीं असली शिवसेना है। राउत ने दावा किया कि पार्टी की जड़ें मजबूत हैं और उसे कमजोर करना आसान नहीं है।

पीएम मोदी पर भी साधा निशाना

संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक उठापटक और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन इस पर ध्यान देने की जरूरत है। राउत ने आरोप लगाया कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। फिलहाल सबकी नजर दिल्ली में होने वाली बैठक पर है, क्योंकि इससे शिवसेना (यूबीटी) के भीतर जारी सियासी संकट की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।

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