15 लाख नहीं, सिर्फ 10 लाख में बन सकता है 6 कमरों का घर! सही प्लानिंग और तकनीक से लाखों रुपये बचाने का तरीका
आज के समय में अपना घर बनाना हर व्यक्ति का सपना है, लेकिन बढ़ती निर्माण लागत इस सपने को मुश्किल बना देती है। सीमेंट, सरिया, ईंट, रेत और मजदूरी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में एक साधारण घर बनवाने में भी लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सही तकनीक और समझदारी से खर्च में बड़ी कटौती की जा सकती है।
लोड-बेयरिंग तकनीक से होगी बचत
घर बनाते समय सबसे बड़ा खर्च स्ट्रक्चर तैयार करने में आता है। आमतौर पर लोग फ्रेम स्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें ज्यादा सरिया और सीमेंट लगता है। इसके बजाय अगर लोड-बेयरिंग स्ट्रक्चर अपनाया जाए तो कॉलम और बीम की जरूरत कम पड़ती है। इससे निर्माण लागत काफी घट सकती है और मजबूत घर भी तैयार किया जा सकता है।
6 कमरों के घर का खर्च कितना?
मान लीजिए आप 1000 वर्गफीट क्षेत्र में 10x10 आकार के 6 कमरे बनाना चाहते हैं। सामान्य निर्माण लागत करीब 1500 रुपये प्रति वर्गफीट मानी जाए तो कुल खर्च लगभग 15 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि यह लागत शहर, सामग्री और मजदूरी के अनुसार बदल सकती है। लेकिन सही विकल्प चुनकर इस खर्च को काफी कम किया जा सकता है।
सीमेंट और सरिये में बड़ी बचत
लोड-बेयरिंग तकनीक अपनाने से सरिया और सीमेंट की खपत कम हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे करीब 100 बोरी सीमेंट तक की बचत संभव है। अगर एक बोरी की औसत कीमत 400 रुपये मानी जाए तो लगभग 40 हजार रुपये बच सकते हैं। वहीं सरिये का खर्च 3 लाख रुपये से घटकर करीब 1.5 लाख रुपये तक आ सकता है, यानी यहां भी बड़ी बचत होती है।
ईंट और रेत का खर्च भी घटेगा
निर्माण लागत कम करने के लिए सामान्य ईंटों की जगह फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग किया जा सकता है। 1000 वर्गफीट के घर में करीब 10 हजार ईंटों की जरूरत पड़ती है और फ्लाई ऐश ईंटें इस्तेमाल करने पर लगभग 50 हजार रुपये तक की बचत हो सकती है। इसी तरह रेत का खर्च भी 1.5 लाख रुपये से घटकर करीब 50 हजार रुपये तक आ सकता है।
फिनिशिंग में समझदारी से बचेंगे लाखों
घर का खर्च सिर्फ दीवारें खड़ी करने तक सीमित नहीं होता। टाइल्स, पेंट, पुट्टी, दरवाजे, खिड़कियां, बिजली और प्लंबिंग पर भी अच्छी-खासी रकम खर्च होती है। महंगे मार्बल की जगह सिरेमिक टाइल्स और महंगी लकड़ी की जगह किफायती विकल्प चुनकर खर्च कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर पूरी योजना समझदारी से बनाई जाए तो 15 लाख रुपये का काम करीब 10 लाख रुपये में पूरा हो सकता है। बस सही तकनीक और बजट के अनुसार सामग्री चुनना जरूरी है।
