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रेटिंग एजेंसी ICRA की चौकाने वाली रिपोर्ट, 2026 में भारतीय एयरलाइंस को होगा भारी घाटा

रेटिंग एजेंसी ICRA की चौकाने वाली रिपोर्ट, 2026 में भारतीय एयरलाइंस को होगा भारी घाटा

न्यूज प्लस डेस्क, नई दिल्ली। रेटिंग एजेंसी ICRA की एक चौकाने वाली रिपोर्ट आयी है, इस रिपोर्ट के अनुसार 2026 में भारतीय़ एविएशन सेक्टर को भारी नुकसान होने वाला है। एजेंसी ने एविएशन क्षेत्र को 17 से 18 हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया है।

रेटिंग एजेंसी के अनुसार 2025 से ही भारतीय एविएशन सेक्टर डगमगा रहा है, 2026 में इसके और नीचे जाने का आशंका है। ICRA की इस रिपोर्ट ने एयरलाइंस कंपियों की नींद उड़ा दी है। इसके पीछे रेटिंग एजेंसी ने कई तर्क भी दिए हैं, इन आकड़ों चौकाने वाला इसलिए माना जा रहा है कि क्य़ोंकि कुछ समय से भारतीय एविएशन सेक्टर में वूम थी और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। भारत में लगातार एय़रपोर्ट बढ़ रहे हैं और नई-नई एयरलाइंस कंपनियां भी मैदान में उतर रही हैं।

पहले इस रेटिंग एजेंसी ने ही कहा था कि घाटा 950 से 100 करोड़ तक जा सकता है लेकिन अब इसे दोगुने के करीब बताया गया है। रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार घरेलू पैसेंजर की ग्रोथ का अनुमान पहले 5-6 फीसती तक लगाया गया था जो अब 0.3 फीसदी ही रह गया है। इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं, इसमें सबसे बड़ा कारण 2025 में एयर इंडिया बोइंग हादसा बताया गया है। इससे लोगों के मन में डर घर गया है और लोग कम से कम हवाई यात्रा करना चाहते हैं। इसके बाद दिसंबर 2025 में इंडिगो संकट को भी बड़ा कारण माना जा रहा है, जिसमें करीब 4500 फ्लाइट्स रद्द की गई थीं। ICRA के अनुसार इससे लोगों का भरोसा टूटा है।

ICRA के अनुसार देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेशों की हवाई यात्रा भी इससे प्रभावित हुई है, विदेश यात्रा करने वाले पैसेंजर ग्रोथ का अनुमान पहले 13-15 फीसदी तक था जो अब 7-9 फीसदी ही रह गया है। कई सीमाओं पर बढ़े तनाव और युद्धों के कारण यह ग्रोथ भी आधे के करीब रह गई है। इससे रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ता है और विमानन कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ता है। ICRA के अनुसार एक बड़ा कारण रुपये की कमजोरी भी है, डालर के मुकाबले लगातार रुपया गिरने से एविएशन सेक्टर को बड़ा झटका लगा है। इससे लीज रेंट, स्पेयर पार्ट्स और ईंधन की खरीद पर बड़ा असर पड़ रहा है।

ICRA की मानें तो 2025 में थोड़ा राहत मिली थी जब 1.54 करोड़ लोगों ने घरेलू उड़ानों में सफर किया, इसमें करीब साढ़े 8 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई थी। लेकिन य़ह ग्रोथ एयरलाइंस से बढ़े खर्चों के मुकाबले कम रही इसलिए घाटा बढ़ता जा रहा है। ICRA ने साफ कहा है कि 2026 में एविएशन सेक्टर में 18 हजार करोड़ या इससे भी अधिक घाटा हो सकता है।

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