राजस्थान हाईकोर्ट ने करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बड़ी राहत प्रदान करते हुए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को 30 सितंबर 2025 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। यह निर्णय जोधपुर बेंच में जस्टिस (डॉ.) पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने भिलवाड़ा टैक्स बार एसोसिएशन और जोधपुर टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान लिया।
हाईकोर्ट ने यह आदेश आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं, हाल के त्योहारों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण करदाताओं और पेशेवरों को हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखकर दिया। टैक्स बार एसोसिएशन्स ने तर्क दिया कि पोर्टल की तकनीकी खामियों, फॉर्म्स के देर से जारी होने और सीमित समय के कारण ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करना बेहद मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, जुलाई से अक्टूबर के बीच जीएसटी, एमसीए और अन्य फाइलिंग की समय-सीमा के साथ-साथ त्योहारी सीजन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने कामकाज को और जटिल बना दिया।
याचिका और सुनवाई
भिलवाड़ा टैक्स बार एसोसिएशन ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर की थी, जिसमें टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की गई। इस याचिका का समर्थन जोधपुर टैक्स बार एसोसिएशन ने भी किया। याचिका में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और करदाताओं पर अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव का हवाला दिया गया, जो समय की कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण उत्पन्न हो रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता विकास बालिया और अधिवक्ता प्रतीक गट्टानी ने कोर्ट में याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा। कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को निर्देश दिया कि वे इस संबंध में जल्द से जल्द अधिसूचना जारी करें। अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की गई है।
करदाताओं और पेशेवरों की प्रतिक्रिया
इस फैसले का कर समुदाय ने व्यापक स्वागत किया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स ने इसे समय की मांग बताते हुए कहा कि यह कदम न केवल करदाताओं के लिए राहतकारी है, बल्कि कर अनुपालन को भी मजबूत करेगा। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) सहित कई पेशेवर संगठनों ने पहले ही वित्त मंत्रालय से समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था।
क्या यह आदेश पूरे देश में लागू होगा?
हालांकि यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच द्वारा जारी किया गया है, लेकिन टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर पूरे देश में देखा जा सकता है। देश के विभिन्न हिस्सों में टैक्स बार एसोसिएशन्स और पेशेवर संगठनों ने इसी तरह की याचिकाएं दायर की हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि CBDT इस आदेश के आधार पर पूरे देश के लिए समय-सीमा बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
पोर्टल की तकनीकी समस्याएं
करदाताओं और पेशेवरों ने आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर बार-बार होने वाली तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी। देर से जारी होने वाले फॉर्म्स और पोर्टल की धीमी गति ने ऑडिट प्रक्रिया को और जटिल बना दिया। इसके अलावा, हाल के महीनों में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने कई क्षेत्रों में सामान्य कामकाज को प्रभावित किया, जिससे समय पर अनुपालन में बाधा आई।
आगे की राह
हाईकोर्ट ने CBDT को निर्देश दिया है कि वह इस आदेश को लागू करने के लिए तत्काल अधिसूचना जारी करे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या CBDT इस समय-सीमा को पूरे देश के लिए लागू करता है या यह केवल राजस्थान तक सीमित रहेगा। करदाताओं और पेशेवरों को सलाह दी जाती है कि वे आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचनाओं पर नजर रखें।



