उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने युवाओं को लेकर बड़ा दांव चल दिया है। राहुल गांधी कोटा में छात्र संवाद के बाद अब प्रयागराज में युवाओं की बड़ी महफिल सजाने की तैयारी है। कांग्रेस का फोकस उन छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा देने वाले युवाओं पर है जो पेपर लीक भर्ती में देरी बेरोजगारी और परीक्षा रद्द होने जैसे मुद्दों से परेशान हैं। पार्टी चाहती है कि युवाओं की नाराजगी को सीधे चुनावी ताकत में बदला जाए।
विजय मॉडल से जोड़कर देखी जा रही रणनीति
कांग्रेस की इस नई कोशिश को तमिलनाडु के जोसेफ विजय के युवा कनेक्ट मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है। खबर के मुताबिक विजय ने युवाओं के बीच लगातार पहुंच बनाकर अपनी राजनीति को मजबूत किया। अब राहुल गांधी भी छात्रों से सीधे बात कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने इसे किसी दूसरे नेता का मॉडल नहीं बताया है। पार्टी का कहना है कि यह युवाओं की परेशानियों को सुनने और उनके सवालों को राष्ट्रीय बहस में लाने की कोशिश है।
प्रयागराज क्यों चुना गया?
प्रयागराज लंबे समय से छात्र राजनीति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां यूपी के साथ कई राज्यों से युवा पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के लिए आते हैं। पेपर लीक भर्ती प्रक्रिया में देरी और परीक्षाओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों ने यहां छात्रों के बीच गुस्सा बढ़ाया है। कांग्रेस इसी माहौल को समझते हुए जुलाई के दूसरे सप्ताह में बड़ा छात्र संवाद कार्यक्रम करने की तैयारी में है।
एक महीने तक चलेगा संपर्क अभियान
कांग्रेस ने प्रयागराज छात्र सम्मेलन के लिए अनिल यादव को कोऑर्डिनेटर बनाया है। पार्टी कार्यकर्ता नुक्कड़ सभाएं नुक्कड़ नाटक पर्चे बांटने और टॉर्चलाइट मार्च जैसे कार्यक्रम करेंगे। छात्रों शिक्षकों पुराने छात्र नेताओं और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों तक भी पहुंच बनाई जाएगी। मिस्ड कॉल के जरिए रजिस्ट्रेशन अभियान चलाने की तैयारी है। कांग्रेस का मकसद केवल भीड़ जुटाना नहीं बल्कि युवाओं की शिकायतों को एक संगठित राजनीतिक मुद्दा बनाना है।
पेपर लीक और नौकरी बना मुख्य मुद्दा
राहुल गांधी के छात्र संवाद में शिक्षा पेपर लीक भर्ती में देरी खाली पद और बेरोजगारी सबसे बड़े मुद्दे रहने वाले हैं। कोटा के कार्यक्रम में राहुल ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब प्रयागराज में भी कांग्रेस युवाओं से यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठाई जाएगी। पार्टी खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों तक पहुंच बनाना चाहती है।
प्रियंका की एंट्री से बढ़ेगा असर?
प्रयागराज का गांधी परिवार से पुराना राजनीतिक रिश्ता रहा है। यहां कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह की मौजूदगी से पार्टी को नई जमीन मिलने की उम्मीद है। चर्चा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा भी राहुल गांधी के साथ कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या राहुल का छात्र संवाद यूपी में कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा बनेगा या फिर यह केवल एक बड़ा राजनीतिक आयोजन बनकर रह जाएगा।
