मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। भागवत कथा के मंच पर बैठे सीताराम बाबा ने आशीर्वाद लेने पहुंचे प्रदीप अग्रवाल के साथ ऐसा व्यवहार किया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही विधायक माला पहनाने के लिए आगे बढ़ते हैं, बाबा अचानक नाराज हो जाते हैं और उन्हें डांटते हुए धक्का देते हैं।
अनोखा अंदाज बना चर्चा का कारण
इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विधायक बिना विरोध किए शांत भाव से बैठे रहे और हाथ जोड़कर बाबा की प्रतिक्रिया स्वीकार करते रहे। बाबा ने न सिर्फ उन्हें फटकार लगाई बल्कि माला उतारकर वापस उनकी ओर फेंक दी। यह पूरा दृश्य लोगों के लिए हैरानी भरा था, लेकिन बाबा के अनुयायियों के लिए यह कोई नई बात नहीं मानी जा रही है।
कौन हैं सीताराम बाबा
सीताराम बाबा मध्य प्रदेश के भिंड जिले से जुड़े एक प्रसिद्ध संत और कथावाचक हैं। वह निसरोल मंदिर के महंत हैं और अपने गुरु मस्तराम बाबा की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है और उनके अनुयायियों में आम लोगों के साथ-साथ कई प्रभावशाली हस्तियां भी शामिल हैं। उनके प्रवचन सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
तेज स्वभाव के लिए मशहूर
बाबा का अंदाज हमेशा से अलग माना जाता रहा है। वह मंच से सीधे और तीखे शब्दों में बात करने के लिए जाने जाते हैं। कई बार वह गुस्से में आकर भक्तों को झिड़क भी देते हैं। उनके समर्थक इस व्यवहार को नाराजगी नहीं बल्कि विशेष स्नेह का रूप मानते हैं। उनका कहना है कि बाबा जिनसे अपनापन रखते हैं, उन्हीं के साथ इस तरह का व्यवहार करते हैं।
वीडियो पर बंटी राय
यह वीडियो कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर लोगों की राय भी दो हिस्सों में बंटी हुई है। एक वर्ग इसे गुरु और शिष्य के बीच का निजी मामला मान रहा है और इसे आध्यात्मिक भाव से जोड़कर देख रहा है। वहीं दूसरा पक्ष सार्वजनिक मंच पर इस तरह के व्यवहार को गलत और अनुचित बता रहा है।
अब तक नहीं आई प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर अभी तक न तो विधायक की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही बाबा की तरफ से सफाई दी गई है। बावजूद इसके, यह घटना चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है और लोग लगातार इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
चर्चा में आया अलग अंदाज
कुल मिलाकर यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अलग अंदाज रखने वाले लोग किस तरह अचानक सुर्खियों में आ जाते हैं। बाबा का यह तरीका भले ही उनके अनुयायियों को स्वीकार हो, लेकिन आम जनता के बीच यह बहस का मुद्दा जरूर बन गया है।
