भारत की बड़ी आबादी के बावजूद निवेश के आंकड़े अभी भी सीमित हैं। करीब 140 करोड़ की जनसंख्या में लगभग 12 करोड़ लोगों ने डीमैट अकाउंट खुलवाया है, लेकिन इनमें से भी सभी लोग म्यूचुअल फंड में निवेश नहीं करते। अनुमान के अनुसार सिर्फ 6 करोड़ से कुछ ज्यादा लोग ही म्यूचुअल फंड का हिस्सा हैं। यह संख्या तेजी से बढ़ते बाजार के मुकाबले काफी कम मानी जा रही है, जबकि निवेश के जानकार इसे बेहतर विकल्प मानते हैं।
जागरूकता के लिए नई पहल
निवेशकों की संख्या बढ़ाने के लिए निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने “हर भारतीय निवेशक” नाम से नया अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को म्यूचुअल फंड के फायदे समझाना और उन्हें नियमित निवेश के लिए प्रेरित करना है। कंपनी का मानना है कि सही जानकारी मिलने पर आम लोग भी इस विकल्प को अपनाएंगे और लंबे समय में बेहतर रिटर्न हासिल कर सकेंगे।
अभियान में क्या होगा खास
इस अभियान के तहत छोटे निवेशकों को शिक्षित करने पर जोर दिया जाएगा। नए निवेशकों को बाजार की बुनियादी जानकारी दी जाएगी और उन्हें निवेश की शुरुआत करने के लिए आत्मविश्वास भी दिया जाएगा। पहले चरण में ऐसे लोगों तक पहुंच बनाई जाएगी जो अभी निवेश की दुनिया से दूर हैं। लक्ष्य यही है कि हर परिवार में कम से कम एक सदस्य म्यूचुअल फंड में निवेश करे।
एसआईपी से आसान निवेश
म्यूचुअल फंड में एसआईपी जैसे विकल्प निवेश को आसान और अनुशासित बनाते हैं। इसके जरिए लोग छोटी-छोटी रकम से शुरुआत कर सकते हैं और समय के साथ बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। यह तरीका सीधे शेयर बाजार में निवेश करने की तुलना में कम जोखिम वाला माना जाता है, क्योंकि इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का असर संतुलित रहता है।
जोखिम वाले निवेश से नुकसान
हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने भी चेतावनी दी है कि 90 प्रतिशत से ज्यादा निवेशकों को फ्यूचर्स और ऑप्शंस जैसे जटिल साधनों में नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में विशेषज्ञ सुरक्षित और व्यवस्थित निवेश के तौर पर म्यूचुअल फंड को बेहतर विकल्प मानते हैं।
निवेश में तेजी का संकेत
भारतीय म्यूचुअल फंड संघ के ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में म्यूचुअल फंड में निवेश का प्रवाह 56 प्रतिशत बढ़कर 40,450 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह सालाना आधार पर 61 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह संकेत देता है कि लोगों का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी बड़ी आबादी को जोड़ना बाकी है।
