दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में सफाई और सजावट का दौर शुरू हो जाता है। हिंदू धर्म में दिवाली को धन-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी के आगमन का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन घर में साफ-सफाई और सकारात्मक ऊर्जा का होना जरूरी है, ताकि लक्ष्मी जी का वास हो और दरिद्रता दूर रहे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें दिवाली से पहले घर से बाहर निकाल देना चाहिए?
वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार, ये वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और घर में गरीबी या आर्थिक तंगी का कारण बन सकती हैं। आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में विस्तार से।
क्यों जरूरी है दिवाली से पहले घर की सफाई?
दिवाली से पहले घर की सफाई को 'लक्ष्मी पूजन' की तैयारी का हिस्सा माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां लक्ष्मी स्वच्छ और व्यवस्थित घरों में ही प्रवेश करती हैं। अगर घर में अव्यवस्था या टूटी-फूटी चीजें रहेंगी, तो नकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी और धन की हानि हो सकती है। दिल्ली के प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञ डॉ. राजेश शर्मा कहते हैं, "दिवाली से पहले घर से अनुपयोगी वस्तुओं को हटाना न केवल सफाई का हिस्सा है, बल्कि यह समृद्धि को आमंत्रित करने का तरीका भी है। ये चीजें ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करती हैं, जिससे दरिद्रता का वास हो सकता है।"
इन चीजों को तुरंत घर से बाहर करें
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के आधार पर, यहां कुछ ऐसी सामान्य वस्तुएं हैं जिन्हें दिवाली से पहले घर से निकाल देना चाहिए। ये चीजें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि नकारात्मक प्रभाव भी डालती हैं:
- टूटे-फूटे बर्तन और सामान: टूटे हुए बर्तन, कांच या फर्नीचर घर में गरीबी का प्रतीक माने जाते हैं। वास्तु के अनुसार, ये चीजें धन के प्रवाह को रोकती हैं। इन्हें ठीक करवाएं या बाहर फेंक दें।
- पुराने और फटे कपड़े: अलमारी में रखे पुराने, फटे या अनुपयोगी कपड़े नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। इन्हें दान में दे दें, ताकि घर में नई ऊर्जा आए और लक्ष्मी जी प्रसन्न हों।
- बेकार कागजात और किताबें: पुराने बिल, रसीदें या अनुपयोगी किताबें घर में अव्यवस्था पैदा करती हैं। इन्हें सॉर्ट करके जरूरी रखें और बाकी को रिसाइकल करें। ज्योतिषी मानते हैं कि ये चीजें आर्थिक बाधाओं का कारण बनती हैं।
- सूखे फूल और पौधे: घर में रखे सूखे फूल या मुरझाए पौधे मृत ऊर्जा का संकेत देते हैं। इन्हें हटाकर ताजे फूल या हरे पौधे लगाएं, जो समृद्धि को आकर्षित करते हैं।
- टूटे घड़ियां या इलेक्ट्रॉनिक्स: रुकी हुई घड़ियां समय के ठहराव का प्रतीक हैं, जो प्रगति में बाधा डालती हैं। इसी तरह, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान भी नकारात्मक वाइब्स फैलाते हैं। इन्हें रिपेयर करवाएं या डिस्पोज करें।
- जमा हुआ कचरा या अनुपयोगी सामान: घर के कोनों में जमा धूल-मिट्टी या बेकार सामान दरिद्रता को आमंत्रित करता है। वास्तु में इसे 'क्लटर' कहा जाता है, जो ऊर्जा के फ्लो को ब्लॉक करता है।
कैसे करें सफाई?
मुंबई की ज्योतिष विशेषज्ञा सुनीता मेहता सलाह देती हैं, "दिवाली से कम से कम एक हफ्ता पहले सफाई शुरू करें। उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को सबसे पहले साफ करें, क्योंकि यह धन और समृद्धि का क्षेत्र है। सफाई के दौरान नमक के पानी का इस्तेमाल करें, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि इन चीजों को हटाने के बाद घर में धूपबत्ती या अगरबत्ती जलाएं, ताकि सकारात्मक वातावरण बने।
क्या कहते हैं लोग?
दिवाली की तैयारी में व्यस्त दिल्ली की गृहिणी रमा शर्मा बताती हैं, "हर साल हम घर से पुरानी चीजें निकालते हैं। इससे न केवल घर साफ लगता है, बल्कि मन में भी शांति आती है। पिछले साल हमने ऐसा किया और कारोबार में अच्छा लाभ हुआ।" इसी तरह, कई लोग इन मान्यताओं को अपनाकर त्योहार मनाते हैं।
समृद्धि के लिए अपनाएं ये टिप्स
दिवाली सिर्फ पटाखों और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। घर से इन अनुपयोगी चीजों को हटाकर आप न केवल सफाई करेंगे, बल्कि दरिद्रता को दूर भगाएंगे। याद रखें, वास्तु और ज्योतिष विज्ञान आधारित हैं, लेकिन अंत में आपकी मेहनत और सकारात्मक सोच ही असली समृद्धि लाती है। इस दिवाली, अपने घर को लक्ष्मी जी के योग्य बनाएं और खुशहाली का स्वागत करें।



