आज के समय में होटल बुकिंग से लेकर टिकट और खाना तक सबकुछ ऑनलाइन मिनटों में बुक हो जाता है। इससे लोगों का समय जरूर बचता है लेकिन इसके साथ ऑनलाइन स्कैम का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। साइबर ठग अब लोगों को फर्जी वेबसाइटों और आकर्षक ऑफर्स के जरिए निशाना बना रहे हैं। खासतौर पर घूमने फिरने का प्लान बनाने वाले लोग जल्दी सस्ते ऑफर देखकर बिना जांच किए भुगतान कर देते हैं और बाद में बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है।
कैसे होता है स्कैम
ऑनलाइन होटल बुकिंग स्कैम में सबसे ज्यादा इस्तेमाल फर्जी वेबसाइटों का किया जाता है। ये वेबसाइटें दिखने में बिल्कुल असली बुकिंग प्लेटफॉर्म जैसी लगती हैं जिससे लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं। स्कैमर्स भारी डिस्काउंट और लिमिटेड ऑफर का लालच देकर लोगों को जल्दी भुगतान करने के लिए उकसाते हैं। कई बार ये लिंक इंटरनेट पर स्पॉन्सर्ड विज्ञापन के रूप में भी दिखाई देते हैं। लोग जब तक समझ पाते हैं तब तक पैसा उनके खाते से निकल चुका होता है।
बुकिंग के बाद खुलता राज
ऐसे मामलों में सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आती है जब भुगतान करने के बाद होटल बुकिंग का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता। कई लोग होटल पहुंचने के बाद जानते हैं कि उनके नाम से कोई बुकिंग ही नहीं हुई है। कुछ मामलों में स्कैमर्स नकली कन्फर्मेशन मैसेज और फर्जी रसीद भी भेज देते हैं जिससे लोगों को लंबे समय तक धोखे का पता नहीं चलता। यही वजह है कि ऑनलाइन होटल बुकिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी मानी जा रही है।
कैसे रहें सुरक्षित
विशेषज्ञों का कहना है कि हमेशा भरोसेमंद और प्रसिद्ध बुकिंग प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी अनजान लिंक या स्पॉन्सर्ड विज्ञापन पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। होटल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी दोबारा जांच लेना सुरक्षित माना जाता है। अगर कोई ऑफर जरूरत से ज्यादा सस्ता दिखाई दे रहा हो तो उस पर तुरंत विश्वास करने से बचना चाहिए क्योंकि साइबर ठग अक्सर इसी तरीके का इस्तेमाल करते हैं।
स्कैम होने पर क्या करें
अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन होटल बुकिंग स्कैम का शिकार हो जाए तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा सरकारी साइबर अपराध पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत करने की सुविधा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत की जाती है उतनी ज्यादा संभावना रहती है कि ठगी गई रकम को रोका या वापस हासिल किया जा सके।
सावधानी ही बचाव
ऑनलाइन सुविधा ने लोगों की जिंदगी आसान जरूर बनाई है लेकिन इसके साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को इंटरनेट पर भुगतान करते समय सतर्क रहना जरूरी है। किसी भी वेबसाइट की जांच किए बिना भुगतान करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। इसलिए जल्दबाजी से बचना और हर जानकारी को अच्छी तरह जांचना ही ऑनलाइन स्कैम से सुरक्षित रहने का सबसे बड़ा तरीका माना जा रहा है।
