उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार सुबह प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। गंगोत्री धाम के पास स्थित धराली गांव में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और मलबे के सैलाब ने गांव को जमींदोज कर दिया। जिसका खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
रिपोर्ट के मुताबित यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 1:30 बजे हुआ, जहां धराली गांव में बादल फटने से अचानक खीर गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसके साथ तेज बहाव में मलबा, पत्थर, और लकड़ी के लट्ठे बहकर आए। महज 20-34 सेकंड में यह सैलाब धराली बाजार और आसपास के रिहायशी इलाकों में घुस गया, जिससे दर्जनों घर, 20-25 होटल, होमस्टे, और दुकानें मलबे में दब गए या बह गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कैसे तेज बहाव ने पूरे बाजार को तबाह कर दिया, और लोगों में चीख-पुकार मच गई। और लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में कम से कम 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से 60 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। कई घर, होटल, और दुकानें पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), और सेना की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने बताया कि सभी टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। सेना ने भी अपने जवानों को तैनात किया है, जो मलबे में फंसे लोगों को निकालने में लगे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि की है, और 10-12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। 50-60 लोगों के लापता होने की खबरें हैं, हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी स्पष्ट नहीं हैं। धराली बाजार पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया है। 20-25 होटल और होमस्टे पूरी तरह नष्ट हो गए। कई वाहन और ढांचे बाढ़ में बह गए। गंगोत्री धाम का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। खीर गंगा नदी में आए उफान ने कई पुलियाँ और सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "धराली (उत्तरकाशी) क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, NDRF, जिला प्रशासन, तथा अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की गहन निगरानी कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री धामी से बात कर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं के खतरे में है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि नदी किनारे अनियोजित निर्माण और शहरीकरण ने इस तरह की आपदाओं को और घातक बना दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी पहले ही जारी की थी। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल के अनुसार, 10 अगस्त तक पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं।
बता दें धराली गांव उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम के रास्ते पर हर्षिल के पास स्थित है। यह पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय पड़ाव है, विशेष रूप से ट्रैकिंग और तीर्थयात्रा के लिए। खीर गंगा नदी, जो भागीरथी नदी में मिलती है, इस क्षेत्र की प्रमुख जलधारा है। गांव की आबादी लगभग कुछ सौ लोग हैं, और यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। हालांकि, इस आपदा ने गांव की इस खूबसूरती को मलबे के ढेर में बदल दिया है।



