उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत अब स्वदेशी नस्ल की गाय पालने वाले लोगों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्वदेशी नस्लों का संरक्षण करना और दूध उत्पादन बढ़ाना है। इस योजना से गांवों में पशुपालन करने वाले परिवारों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
किन गायों पर मिलेगा लाभ
योजना के तहत गिर, साहीवाल, थारपारकर, हरियाणा और गंगातीरी जैसी स्वदेशी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। इन गायों को सरकार द्वारा तय दूध उत्पादन मानकों को पूरा करना होगा। मानक पूरे होने पर पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे बेहतर नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कितनी मिलेगी सहायता राशि
सरकार इस योजना के तहत 10 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दे रही है। राशि का निर्धारण गाय की दूध उत्पादन क्षमता के आधार पर किया जाएगा। अधिक दूध उत्पादन करने वाली गायों पर ज्यादा लाभ मिलेगा। योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू है और पात्र पशुपालक इसका लाभ उठा सकते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। गाय के बछड़ा देने के 45 दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी है। एक पशुपालक को अधिकतम 2 गायों पर लाभ मिलेगा। यह सहायता प्रथम, द्वितीय और तृतीय ब्यात पर दी जाएगी, लेकिन जीवनकाल में केवल एक बार ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
ऐसे करें आवेदन
पशुपालक योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन संबंधित सरकारी पोर्टल पर किया जा सकता है। यदि पोर्टल उपलब्ध न हो तो जिला मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा किया जा सकता है। रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भी आवेदन भेजा जा सकता है। स्वीकृति मिलने के बाद पूरी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
योजना की खास बातें
स्वदेशी नस्ल की गायों पर लाभ मिलेगा।
10 हजार से 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि।
एक पशुपालक को अधिकतम 2 गायों पर लाभ।
18 वर्ष से अधिक उम्र होना जरूरी।
सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
