प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की राजनीति में अपने 12 साल पूरे कर लिए हैं। साल 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से लेकर आज तक उन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। समर्थक इसे विकास, बड़े फैसलों और मजबूत नेतृत्व का दौर बताते हैं, जबकि विपक्ष लगातार उनकी नीतियों पर सवाल उठाता रहा है। इसके बावजूद मोदी देश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में बने हुए हैं। यही वजह है कि 12 साल बाद भी उनका नाम राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में है।
शून्य से शिखर तक विस्तार
2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे तब बीजेपी और उसके सहयोगियों की सरकारें सीमित राज्यों तक थीं। लेकिन पिछले एक दशक में पार्टी ने कई नए राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत की। पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम और उत्तर भारत तक बीजेपी का विस्तार हुआ। कई ऐसे राज्यों में भी पहली बार बीजेपी की सरकार बनी जहां पहले उसका प्रभाव बेहद कम माना जाता था। इस विस्तार ने भारतीय राजनीति का चुनावी नक्शा बदलने का काम किया।
जनकल्याण योजनाओं का असर
मोदी सरकार ने शौचालय, उज्ज्वला गैस, बिजली कनेक्शन, आवास, नल से जल और स्वास्थ्य योजनाओं को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया। इन योजनाओं का असर गांव और गरीब वर्ग तक पहुंचा। सरकार का दावा रहा कि इन फैसलों ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया। यही कारण रहा कि केंद्र की योजनाओं का असर कई राज्यों के चुनावों में भी दिखाई दिया और बीजेपी को राजनीतिक लाभ मिला।
बड़े फैसलों से बनी पहचान
इन 12 वर्षों में कई ऐसे फैसले हुए जिन्होंने राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित किया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक कानून, राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कदम लगातार चर्चा में रहे। सरकार इन्हें ऐतिहासिक उपलब्धियां बताती है, जबकि विपक्ष कई मुद्दों पर सवाल उठाता रहा। फिर भी इन फैसलों ने मोदी की छवि को एक निर्णायक नेता के रूप में स्थापित किया।
चुनौतियां और वापसी
कोविड महामारी, आर्थिक चुनौतियां और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच भी मोदी सरकार ने अपने राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखा। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी पूर्ण बहुमत से दूर रही, लेकिन एनडीए सरकार बनाने में सफल रही। इसके बाद कई राज्यों के चुनावों में पार्टी ने फिर मजबूत प्रदर्शन किया। इससे यह संदेश गया कि मोदी अब भी भारतीय राजनीति के सबसे बड़े चुनावी चेहरे बने हुए हैं।
2047 के लक्ष्य पर नजर
प्रधानमंत्री मोदी अब विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की बात कर रहे हैं। उनका फोकस आने वाले वर्षों में देश को आर्थिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे के स्तर पर आगे ले जाने पर है। 12 साल पूरे होने के बाद भी उनकी राजनीति केवल वर्तमान तक सीमित नहीं दिखती, बल्कि आने वाले दशकों की दिशा तय करने की कोशिश करती नजर आती है। यही कारण है कि मोदी युग आज भी भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी चर्चा बना हुआ है।
