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कम उम्र में क्यों कमजोर हो रहे घुटने, एक्सपर्ट ने बताए युवाओं के लिए बड़े खतरे

कम उम्र में क्यों कमजोर हो रहे घुटने, एक्सपर्ट ने बताए युवाओं के लिए बड़े खतरे

एक समय था जब घुटनों का दर्द और जोड़ों की जकड़न को बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था। माना जाता था कि ऐसी समस्याएं केवल उम्र बढ़ने के बाद होती हैं लेकिन अब स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। आज कम उम्र के युवा भी घुटनों की परेशानी लेकर विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं। कई लोगों को बैठने के बाद जकड़न, सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत और जोड़ों में कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस हो रही हैं।

बैठे रहने की आदत बनी वजह
एक्सपर्ट का मानना है कि लंबे समय तक बैठकर काम करना इस समस्या की बड़ी वजह बन चुका है। आज बड़ी संख्या में लोग घंटों एक जगह बैठकर काम करते हैं जिससे शरीर की गतिविधि कम हो जाती है। इससे घुटनों की मूवमेंट प्रभावित हो सकती है और धीरे धीरे जोड़ों पर असर पड़ने लगता है। लगातार बैठे रहने की आदत शरीर के लिए कई दूसरी समस्याओं की वजह भी बन सकती है।

बढ़ता वजन भी खतरा
शरीर का बढ़ता वजन घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। जब शरीर का भार बढ़ता है तो चलने और उठने बैठने के दौरान घुटनों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। विशेषज्ञों के अनुसार कम उम्र में बढ़ता मोटापा अब जोड़ों की परेशानी की बड़ी वजह बनता जा रहा है। इसी कारण युवाओं में भी ऐसी समस्याएं पहले की तुलना में ज्यादा दिखाई देने लगी हैं।

शुरुआती संकेतों को समझें
कई बार घुटनों की परेशानी शुरुआत में बहुत सामान्य लगती है लेकिन धीरे धीरे बढ़ सकती है। लंबे समय तक बैठने के बाद जकड़न महसूस होना, सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द होना या चलने के दौरान आवाज महसूस होना कुछ ऐसे संकेत माने जाते हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से आगे चलकर समस्या और बढ़ सकती है।

रोजमर्रा की आदतें बदलें
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी छोटी आदतों में बदलाव करके इस समस्या के खतरे को कम किया जा सकता है। लंबे समय तक लगातार बैठने की जगह बीच बीच में थोड़ी देर चलना बेहतर माना जाता है। नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि और शरीर को सक्रिय रखना भी जरूरी बताया जाता है ताकि मांसपेशियां मजबूत बनी रहें।

ऐसे रखें घुटनों का ध्यान
घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम जरूरी माना जाता है। वॉकिंग साइक्लिंग और हल्की गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं। साथ ही सही बैठने की आदत और शरीर के वजन पर ध्यान देना भी जरूरी है। अगर दर्द या जकड़न लगातार बनी रहती है तो समय रहते एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

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