43 दिन से फरार हिस्ट्रीशीटर, रील पर रील बना रहा अजय ठाकुर, पुलिस अब भी खाली हाथ क्यों, उठ रहे सवाल ?
कानपुर का वांछित हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर एक बार फिर चर्चा में है। महंत पर जानलेवा हमले के मामले में नाम आने के बाद से वह पिछले 43 दिनों से फरार चल रहा है। पुलिस लगातार उसकी तलाश के दावे कर रही है, लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इस बीच सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
अपराधों का लंबा रिकॉर्ड
जरौली फेस-वन निवासी अजय ठाकुर के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में 32 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। साल 2016 में उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद लगातार कई मामलों में उसका नाम सामने आया और वह शहर के चर्चित अपराधियों में गिना जाने लगा। वर्तमान में वह पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
रीलों से बढ़ी चर्चा
फरारी के दौरान भी अजय ठाकुर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय है। बताया जा रहा है कि 29 अप्रैल को मामला दर्ज होने के बाद उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 25 रीलें साझा की हैं। इन वीडियो में वह कभी लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ दिखाई देता है तो कभी अपने समर्थकों के बीच नजर आता है। उसके वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं।
काफिलों का प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में महंगी एसयूवी गाड़ियों का लंबा काफिला दिखाई देता है। कुछ वीडियो में हाईवे पर गाड़ियां खड़ी करके शक्ति प्रदर्शन जैसा माहौल नजर आता है। एक वीडियो में वह कई गाड़ियों की छतों पर चलता दिखाई देता है। वहीं कुछ रीलों में वह शहर के बड़े मॉल और सार्वजनिक स्थानों पर अपने साथियों के साथ मौजूद दिख रहा है।
नए वीडियो से उठे सवाल
बुधवार सुबह साझा किए गए एक नए वीडियो ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया। वीडियो में भाजपा के झंडे लगे वाहनों का काफिला दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस जिस व्यक्ति की तलाश कर रही है, वह खुलेआम वीडियो कैसे बना रहा है और सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कैसे कर रहा है।
पुलिस पर बढ़ा दबाव
लगातार सामने आ रही रीलों और वीडियो के कारण कानपुर पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। आम लोगों के बीच भी यह चर्चा है कि जब एक वांछित आरोपी सोशल मीडिया पर इतनी सक्रियता दिखा सकता है तो उसकी गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी होने की बात कह रही है, लेकिन 43 दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने से सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।
